IPC 498A दहेज प्रताड़ना मामले पर सुप्रीम फैसला, कहा- पुलिस को जरूरी लगे तो हो गिरफ्तारी
IPC 498A दहेज प्रताड़ना मामले पर सुप्रीम फैसला, कहा- पुलिस को जरूरी लगे तो हो गिरफ्तारी
नई दिल्ली। IPC की धारा 498 A दहेज प्रताड़ना के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी का अधिकार वापस पुलिस को दे दिया है। और कहा है कि पुलिस को ज़रूरी लगे तो वह आरोपी को गिरफ़्तार कर सकती है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य के DGP इस मुद्दे पर पुलिस अफसरों को जागरुक करें
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कोर्ट ने कहा है कि पति और उसके रिश्तेदारों के सरंक्षण करने के लिए जमानत के रूप में अदालत के पास अधिकार मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट इस तरह आपराधिक मामले की जांच के लिए सिविल कमेटी नियुक्त नहीं कर सकता, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
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वहीं, कोर्ट ने आरोपी के लिए कहा कि आरोपी के लिए अग्रिम ज़मानत का विकल्प खुला हुआ है। कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाते हुए कहा कि विक्टिम प्रोटेक्शन के लिए ऐसा करना जरूरी है। बता दें कि, इसी साल अप्रैल माह में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि दोनों पक्षों के बीच बैलेंस बनाना जरुरी है, इसलिए कोर्ट ने कहा अगर दोनों पक्षों में समझौता होता है तो कानून के मुताबिक वो हाईकोर्ट जा सकते हैं। अगर पति पक्ष कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करता है तो केस की उसी दिन सुनवाई की जा सकती है।
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बता दें कि इससे पहले जुलाई 2017 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने महिलाओं के लिए बने कानूनों के दुरुपयोग के मामले को लेकर अहम निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग की शिकायतों को देखते हुए ऐसे मामलों में तत्काल गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी।
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गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि CRPF की धारा 41 में गैर जमानती अपराध में गिरफ्तारी को लेकर संतुलन कायम किया गया है। मनमानी गिरफ़्तीरी को रोकने के लिए CRPC 41 में साफ प्रावधान है कि पुलिस अगर किसी को गिरफ्तार करती है तो पर्याप्त कारण बताएगी और न गिरफ्तार करने का भी कारण बताएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में परिवार कल्याण कमिटी के फैसले को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा इसकी इजाजत नही दी जा सकती।
वेब डेस्क, IBC24

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