Supreme Court NEET UG Case: NEET-UG पेपर लीक मामले की पीएम मोदी खुद कर रहे निगरानी, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान NTA से किए गंभीर सवाल, कहा-अभी मजबूत नहीं, ये सलाह भी दी

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Supreme Court NEET UG Case: NEET-UG पेपर लीक मामले में पीएम मोदी खुद कर रहे निगरानी, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान NTA से किए गंभीर सवाल, कहा-अभी मजबूत नहीं, ये सलाह भी दी

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 06:53 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 06:53 PM IST

SUPREME COURT/ image source: ibc24 file image

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने NTA पर उठाए सवाल
  • UPSC से तुलना कर दी सीख लेने की सलाह
  • NEET पेपर लीक पर कड़ी सुनवाई

Supreme Court NEET UG Case: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने NTA से पूछा कि जब UPSC जैसी संस्थाएं बड़े स्तर पर परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराती हैं और वहां पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होतीं, तो NTA उनसे क्या सीख ले रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।

पीएम खुद कर रहे हैं निगरानी

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET पेपर लीक मामले की निगरानी कर रहे हैं, ताकि जांच में किसी तरह की चूक न हो। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और पेपर लीक के बाद कई स्तरों पर सुधार किए गए हैं। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि NEET-UG री-एग्जाम के लिए नई व्यवस्था और बेहतर सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

NTA को मजबूत करने पर जोर

इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG की जांच प्रक्रिया और सुधारों का विस्तृत ब्योरा भी मांगा है। वहीं पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमुख से कोर्ट ने पूछा कि सिफारिशें लागू होने के बावजूद इस बार गड़बड़ी क्यों हुई। इस पर समिति ने बताया कि अधिकांश सुझाव लागू किए जा चुके हैं और NEET-PG 2025 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि NTA अभी पूरी तरह से मजबूत और स्थायी संस्था की तरह कार्य नहीं कर रही है और इसे IIT जैसे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके।

इन्हें भी पढ़ें:

मामला किस परीक्षा से जुड़ा है?

NEET-UG पेपर लीक मामले से।

कोर्ट ने NTA पर क्या कहा?

अभी संस्था पूरी तरह मजबूत नहीं है। Q

UPSC का जिक्र क्यों हुआ?

बेहतर परीक्षा प्रणाली के उदाहरण के रूप में।