जंतर-मंतर पर सहानुभूति, कश्मीर में सख्ती से केंद्र का मापदंड उजागर: पारा

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जंतर-मंतर पर सहानुभूति, कश्मीर में सख्ती से केंद्र का मापदंड उजागर: पारा

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 03:29 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 03:29 PM IST

श्रीनगर, 26 जुलाई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद पारा ने कश्मीर में एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद की जा रही कार्रवाई का हवाला देते हुए रविवार को केंद्र पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति जो सहानुभूति दिखाई गई, वह कश्मीरी युवाओं के प्रति नहीं दिखाई जा रही।

पुलवामा से पीडीपी के युवा नेता ने घाटी में आतंकवादियों के संदिग्ध मददगारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई में 2,500 से ज़्यादा युवाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने कर दावा किया। यह कार्रवाई बुधवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के लाल चौक इलाके में आतंकवादियों द्वारा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद की गई।

यह पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में पहला आतंकवादी हमला था।

पारा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में लगभग 2,500 कश्मीरी युवाओं को हिरासत में लिया गया है। जहां देश भर में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया जा रहा है, वहीं एक सवाल अब भी बना हुआ है कि कश्मीर के युवाओं के साथ ऐसी हमदर्दी क्यों नहीं दिखाई जा रही?’’

पारा ने सवाल किया, ‘‘अगर देश के बाकी हिस्सों में युवाओं के लिए सुलह का रास्ता सही है, तो कश्मीर के लिए इसे गलत रास्ता क्यों माना जाता है?’’

उन्होंने कहा कि कश्मीर और भारत के बाकी हिस्सों में अलग-अलग मापदंड अपनाने से घाटी के युवाओं के और दूर होने का खतरा है।

पारा ने कहा, ‘‘बाकी भारत के लिए एक मानक और कश्मीर के लिए दूसरा मानक अपनाना एक खतरनाक संदेश देता है, तथा इससे अलगाव की भावना और गहरी हो सकती है।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल