छत्रपति संभाजीनगर, नौ मई (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी को टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान से जोड़ना गलत है और इस बात पर जोर दिया निदा खान अदालत में निर्दोष साबित होगी।
टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी खान को बृहस्पतिवार को नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया, जिसके बाद एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल पर उसे फरार रहने के दौरान शरण देने का मामला दर्ज किया गया।
इन घटनाक्रमों पर सत्तारूढ़ महायुति पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया जतायी और मामले में एआईएमआईएम के खिलाफ गहन जांच की मांग की। इन नेताओं में मंत्री संजय शिरसाट और नितेश राणे भी शामिल हैं।
राज्य में आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में अपनी पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि निदा खान का ‘मीडिया ट्रायल’ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही निदा खान का तबादला हो गया था। हम सभी ने टीसीएस का बयान देखा है। उसमें कहा गया है कि उसका मानव संसाधन विभाग से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। अब तक नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और उनमें से एक में निदा खान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।’’
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में शिकायतकर्ता ‘‘सत्ताधारी दल सदस्य’’ है। लोकसभा सदस्य ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर एक पुस्तक रखना गैरकानूनी है, क्योंकि ये हर मुस्लिम घर में मौजूद होती हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले दिल्ली में पुलिस ने कुछ युवकों को आतंकवादी करार दिया था क्योंकि उनके घर से मिर्जा ग़ालिब की एक किताब मिली थी।
ओवैसी ने कहा, ‘‘यह ‘मीडिया ट्रायल’ है और अगर मीडिया जज और जूरी की तरह काम करेगा तो यह खतरनाक होगा। इससे न्याय का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। हमें विश्वास है कि अदालत से इंसाफ मिलेगा और लड़की (निदा खान) निर्दोष साबित होगी। यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम समुदाय के शिक्षित लोगों को परेशान करने के इरादे से किया जा रहा है। ये आरोप नफरत से प्रेरित हैं। न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी। लेकिन इस मामले में किसी पार्टी को जोड़ना पूरी तरह गलत है।’’
ओवैसी ने अपने पार्टी सहयोगी और पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ मामला दर्ज होने पर कहा कि आरोपों को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि मालेगांव और मुंबई में हुए धमाकों के बाद ऐसा माहौल बनाया गया था, लेकिन फैसला सुनाए जाने के बाद कोई भी जेल में बंद लोगों के परिवारों के पास नहीं गया।
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि इस मामले में उनकी पार्टी पर लगे आरोपों का कम से कम यह मतलब तो है कि ‘‘हम भाजपा की बी टीम नहीं हैं।’’
नासिक पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) आईटी कंपनी की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार के नौ मामलों की जांच कर रही है।
टीसीएस ने महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नौ प्राथमिकी दर्ज करके एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
निदा खान पर व्हाट्सऐप ग्रुप में कर्मचारियों को निशाना बनाने, उन पर नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन करने का दबाव डालने का आरोप है। प्राथमिकी के अनुसार, उसने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी थी।
टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
भाषा अमित पवनेश
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