बंगाल की भाजपा सरकार ने 15 साल बाद गृह बजट पर फिर से चर्चा की अनुमति दी
बंगाल की भाजपा सरकार ने 15 साल बाद गृह बजट पर फिर से चर्चा की अनुमति दी
कोलकाता, 17 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने 15 साल बाद विधानसभा में गृह (पुलिस) विभाग के बजट पर चर्चा फिर से शुरू करने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ नेता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासन के दौरान विभाग की अनुदान मांगों को नियमित रूप से चर्चा के बगैर मंजूरी दे दी जाती थी।
मुख्यमंत्री व गृह मंत्री शुभेंदु अधिकारी विभाग के बजट पर होने वाली चर्चा का जवाब खुद देंगे।
बाईस जुलाई को होने वाली करीब तीन घंटे की चर्चा में विपक्षी सदस्य कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री चर्चा का समापन करेंगे।
यह फैसला पिछली टीएमसी सरकार के दौरान अपनाई गई उस प्रक्रिया से अलग है, जिसमें बजट पारित करते समय गृह विभाग की बजटीय मांगों को बिना चर्चा के मंजूरी दे दी जाती थी।
साल 2011 में एकमात्र अपवाद रहा, जब नवनिर्वाचित ममता बनर्जी सरकार ने गृह बजट पर विस्तृत चर्चा की अनुमति दी थी। उस समय सरकार ने इसे वाम मोर्चा सरकार से विरासत में मिली खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर करने का अवसर बताया था।
इसके बाद हालांकि टीएमसी सरकार के लगातार बजट सत्रों में गृह विभाग की मांगों को बिना चर्चा किए मंजूरी देती रही, जबकि इस दौरान खागड़ागढ़ विस्फोट, बोगतुई हत्याकांड, आरजी कर अस्पताल मामला और पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा जैसी कई राजनीतिक रूप से संवेदनशील घटनाएं हुईं, जिसमें एक ही दिन में 11 लोगों की मौत हुई थी।
साल 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार राज्य में सत्ता में आई भाजपा ने शासन और पुलिस व्यवस्था के मामले में खुद को पिछली सरकार से अलग दिखाने की कोशिश की है।
भाजपा के मुख्य सचेतक अमलान भादुड़ी ने कहा, ‘हमारी सरकार को जनता से कुछ छिपाना नहीं है। पिछली टीएमसी सरकार हर साल गृह बजट को चर्चा के बिना मंजूरी दे देती थी ताकि कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार की विफलताओं पर चर्चा से बचा जा सके। आज बंगाल में जनता की सरकार है और विपक्ष को भी गृह बजट पर बहस में भाग लेने का अवसर मिलेगा।’
भाषा जोहेब माधव
माधव

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