भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के रथ श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचे
भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के रथ श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचे
(फोटो के साथ)
पुरी, 17 जुलाई (भाषा) ओडिशा के पुरी में एक दिन पहले शुरू हुई वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के तहत भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के रथ शुक्रवार अपराह्न अपने गंतव्य स्थान गुंडिचा मंदिर पहुंच गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने कहा कि परंपरा के अनुसार, भगवान की मूर्तियां रात भर अपने रथों पर ही विराजमान रहेंगी और शनिवार शाम को उन्हें श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जाएगा, जिसे उनका जन्मस्थान माना जाता है।
वापसी रथ यात्रा को ‘बहुदा’ यात्रा कहा जाता है जो 24 जुलाई को आयोजित की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को ‘पहंडी’ प्रक्रिया में देरी के कारण तीनों में से कोई भी रथ 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर नहीं पहुंच पाया।
परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद रथों को नहीं खींचा जा सकता है।
एक अधिकारी ने बताया कि रथों को बृहस्पतिवार शाम तक श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचना था लेकिन रोशनी कम होने के कारण शाम करीब सात बजे रथ खींचने का काम रोक दिया गया और शुक्रवार सुबह इसे फिर शुरू किया गया।
भगवान बलभद्र का ‘तालध्वज’ रथ बृहस्पतिवार शाम चार बजे के तय समय के बजाय शाम पांच बजकर 10 मिनट पर चलना शुरू हुआ था जिसे ग्रैंड रोड पर लगभग 700 मीटर की दूरी तय करने के बाद मार्केट चौक पर रोक दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह देवी सुभद्रा का ‘दर्पदलन’ रथ लगभग 400 मीटर की दूरी तय करने के बाद मारिचिकोटे छक पर रुक गया जबकि भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को केवल कुछ गज ही खींचा गया और वह मुख्य मंदिर के सिंहद्वार के पास ही रुका रहा।
श्री गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का जन्मस्थान माना जाता है।
भगवान की मूर्तियां बृहस्पतिवार रात अपने रथों में ही विराजमान रहीं और कड़ी सुरक्षा के बीच लाखों भक्त देवताओं की एक झलक पाने के लिए धक्का-मुक्की करते दिखे। पाढ़ी ने कहा, ‘‘दर्शन बंद नहीं हुए और पूरी रात लोगों ने भगवान के दर्शन किए।’’
भगवान जगन्नाथ और उनके भाई बलभद्र तथा बहन देवी सुभद्रा के मुख्य सेवक माने जाने वाले गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘निर्धारित रथ यात्रा के अगले दिन रथ खींचने में कोई बुराई नहीं है। कई बार रथ तय समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते थे और उन्हें अगले दिन खींचा जाता था। अंधेरा होने के कारण बृहस्पतिवार को रथ खींचने की प्रक्रिया रोक दी गई थी।’’
‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के साथ शुक्रवार सुबह लाखों भक्त बारिश और उमस के बीच तीनों देवताओं – भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों को खींचते दिखे।
शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर भगवान बलभद्र के रथ को खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई।
सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ अपनी गंतव्य पर पहुंचा, उसके बाद देवी सुभद्रा का रथ ‘दर्पदलन’ और अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ ‘नंदीघोष’ पहुंचा। ये रथ ‘सारधाबली’ पहुंचे, जो श्री गुंडिचा मंदिर के सामने रेत का एक मैदान है और इसी के साथ नौ दिन तक चलने वाले इस उत्सव का पहला चरण पूरा हुआ।
इस साल रथ यात्रा के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब भगवान जगन्नाथ बिना अपने विशेष पुष्प मुकुट ‘तहिया’ के ही लोगों के सामने आए। पाढ़ी ने कहा, ‘‘बारिश की वजह से मुकुट गीला और भारी हो गया था, इसलिए उसे हटा दिया गया।’’
बृहस्पतिवार को रथ यात्रा के जश्न के दौरान अचानक भीड़ बढ़ने और खराब मौसम की वजह से दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग बीमार पड़ गए।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोगों की मौत पर दुख जताया हालांकि राज्य सरकार ने भीड़ के अचानक बढ़ने की घटना को ‘‘भगदड़’’ मानने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रथ यात्रा के मौके पर भारी भीड़ के कारण एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत हो गई। एक अलग घटना में दिल का दौरा पड़ने से एक श्रद्धालु की मौत की खबर मिली है। मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताया है, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।’’
एडीजी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि पुरी में रथ यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें 19 आईपीएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी और लगभग 13,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), त्वरित कार्य बल (आरएएफ) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 15 कंपनियों को भी अहम जगहों पर तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन-जैमिंग प्रणाली से जुड़े 473 एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) युक्त सीसीटीवी कैमरे ग्रैंड रोड और उसके आस-पास के इलाकों पर नजर रख रहे हैं।
नौसेना, तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस समुद्री थाना के साथ मिलकर संयुक्त गश्त की व्यवस्था भी की गई है और त्वरित प्रतिक्रिया बल भी तैनात किया गया है।
भाषा सुरभि अविनाश
अविनाश

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