जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में वार्षिक मचैल माता यात्रा की पवित्र छड़ी पद्दर के लिए रवाना

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में वार्षिक मचैल माता यात्रा की पवित्र छड़ी पद्दर के लिए रवाना

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 04:20 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 04:20 PM IST

जम्मू, 19 अगस्त (भाषा) श्री मचैल माता यात्रा की ‘पवित्र छड़ी’ हजारों श्रद्धालुओं के साथ बुधवार सुबह सरकूट स्थित गोरी शंकर मंदिर से उपमंडल पद्दर के लिए रवाना की गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इससे पहले पवित्र छड़ी जम्मू के जैन बाजार से यात्रा शुरू होने के बाद डोडा होते हुए मंगलवार शाम किश्तवाड़ लायी गई थी।

किश्तवाड़ की खूबसूरत पद्दर घाटी में 9,705 फुट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा 28 जुलाई को शुरू हुई थी और आठ सितंबर को समाप्त होगी।

अधिकारियों के मुताबिक, इस साल अब तक लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इनमें अप्रैल में मंदिर के कपाट खुलने के बाद यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले दर्शन करने वाले करीब एक लाख श्रद्धालु भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण पूरा हो जाने के बाद अब मंदिर तक पहुंचने के लिए केवल अंतिम 1.7 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होगी। उन्होंने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में बंद होने से पहले मंदिर दिसंबर तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।

अधिकारियों ने कहा कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की निगरानी में जिला प्रशासन ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। उन्होंने बताया कि इनमें सुरक्षा, परिवहन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और किश्तवाड़ से मचैल तक रास्ते में अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (किश्तवाड़) विनोद कुमार बेहल और अतिरिक्त उपायुक्त (किश्तवाड़) पवन कोटवाल सहित नागरिक एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने किश्तवाड़ शहर में पवित्र छड़ी का स्वागत किया और श्रद्धापूर्वक आशीर्वाद लिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद शोभायात्रा भक्ति भाव के बीच मुख्य बाजार से होकर गुजरी, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने पवित्र छड़ी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।

अधिकारियों ने बताया कि पवित्र छड़ी का सरकूट स्थित श्री गोरी शंकर मंदिर में विधिवत स्वागत किया गया, जहां यात्रा का रात्रि विश्राम था। उन्होंने बताया कि बुधवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह यात्रा पद्दर के मचैल के लिए फिर रवाना हुई।

उन्होंने कहा कि पवित्र छड़ी पारंपरिक मार्ग से होते हुए अटूट श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है और अथोली, गुलाबगढ़ तथा चशौती में निर्धारित पड़ावों पर रुकेगी।

अधिकारियों के अनुसार, पवित्र छड़ी 22 अगस्त को मचैल माता मंदिर पहुंचेगी और 24 अगस्त को वापसी यात्रा शुरू होगी।

भाषा अमित शफीक

शफीक