चेन्नई, 30 जून (भाषा) तमिलनाडु के सरकारी कॉलेजों में 2,700 से ज्यादा असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजनीतिक दलों और शिक्षाविदों ने नतीजों को लेकर सवाल उठाए और कई उम्मीदवारों के अंकों में विसंगतियों का हवाला दिया है।
कई शिक्षाविदों और राजनीतिक दलों ने नतीजों का विश्लेषण करते हुए सवाल उठाया कि जिन उम्मीदवारों को वस्तुनिष्ठ प्रश्न वाले पेपर में अच्छे अंक मिले, वे निबंध वाले पेपर में शून्य या बहुत कम नंबर कैसे पा सकते हैं। उन्होंने परीक्षा की तुरंत और व्यापक जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, अदालत के अंतरिम आदेश के तहत, शिक्षक भर्ती बोर्ड ने तमिलनाडु के 188 सरकारी कॉलेजों में 8,000 से ज़्यादा खाली पदों में से 2,708 पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की थी। 48 मुख्य विषयों के लिए प्रतियोगी परीक्षा 27 दिसंबर, 2025 को आयोजित की गई और 25 जून, 2026 को नतीजे जारी किए गए।
विपक्षी द्रमुक, अन्नाद्रमुक और पीएमके सहित कई राजनीतिक दलों ने कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। एक पूर्व प्रोफेसर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पीटीआई-भाषा से कहा कि राज्य सरकार को तुरंत परीक्षा के नतीजे रद्द कर देने चाहिए और इस मामले की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए।
हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।
भाषा अविनाश पवनेश
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