नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग वेबसाइट बनाकर तीर्थयात्रा पर जाने वाले देश भर के श्रद्धालुओं को ठगने के आरोप में बी.टेक के एक छात्र समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक पीड़ित की शिकायत के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। पीड़ित को फर्ज़ी वेबसाइटों के ज़रिए हेलिकॉप्टर सेवा बुक करने की कोशिश के दौरान 20,000 रुपये का चूना लगाया गया था। यह वेबसाइट दिखने में वास्तविक जैसी लगती है।
पुलिस के एक बयान के मुताबिक, आरोपियों ने तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग के वास्ते ग्राहकों को लुभाने के लिए “आईआरसीटीसी-हेलीकॉप्टर डॉट कॉम’ और ‘आईआरसीटीसी-हेलीयात्रा डॉट काम’ जैसी फर्जी वेबसाइटें बनाई थीं और उनका संचालन किया। लोगों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया मंचों पर इन वेबसाइट का प्रचार किया गया।
पुलिस ने बताया कि 21 मई को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।
बयान में कहा गया है, ‘बैंक खातों, पैसे के लेन-देन के रिकॉर्ड, डोमेन पंजीकरण, ईमेल रिकॉर्ड, आईपी लॉग और दूसरे तकनीकी सबूतों के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली।’
तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर, बिहार के नालंदा ज़िले से ओमप्रकाश कुमार और रोहित कुमार को गिरफ़्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले और बी.टेक के छात्र श्रेयांश तिवारी उर्फ शिवम की भूमिका का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, उसी ने फर्जी वेबसाइटें और डिजिटल विज्ञापन बनाए और उनका प्रबंधन किया।
बयान में कहा गया कि शिवम को बाद में ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके मुताबिक, टीम ने पाया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज लगभग 30 शिकायतें समूह से जुड़ी थी, जिसमें लगभग 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक आईपैड, कई एटीएम और डेबिट कार्ड और साइबर धोखाधड़ी से संबंधित डिजिटल सबूत बरामद किए।
पुलिस ने कहा कि और पीड़ितों तथा आरोपियों के संभावित सहयोगियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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