केरल में मूसलाधार बारिश जारी, दो जिलों में ‘रेड अलर्ट’
केरल में मूसलाधार बारिश जारी, दो जिलों में ‘रेड अलर्ट’
कोझिकोड (केरल), 18 जुलाई (भाषा) केरल के विभिन्न हिस्सों में, खास कर उत्तरी जिलों के पहाड़ी इलाकों में बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश होने के कारण सामान्य जन-जीवन प्रभावित हो गया।
उत्तरी केरल के कई जिलों से बाढ़ आने, पेड़ गिरने और मामूली भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
वायनाड जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने की खबर है, जिसमें 29 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, 700 से अधिक लोगों को 22 शिविरों में भेजा गया और वहां से बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को राज्य के दो जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया।
आईएमडी ने वायनाड और कन्नूर में ‘रेड अलर्ट’, राज्य के आठ अन्य जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष छह जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।
‘रेड अलर्ट’ 24 घंटों में 20 सेमी से अधिक, भारी से अत्यधिक भारी बारिश को इंगित करता है, जबकि ‘आरेंज अलर्ट’ का मतलब छह से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश है। ‘यलो अलर्ट’ का मतलब छह से 11 सेमी के बीच भारी बारिश है।
मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये अलर्ट हैं… ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत है)।
आईएमडी ने आगे कहा कि एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में एक या दो स्थानों पर मध्यम वर्षा होने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पिछले कुछ दिनों में राज्य में हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन, संपत्ति की क्षति, सड़कों पर जलभराव हुआ और कई एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के कारण जलमग्न हो गई है।
भाषा यासिर मनीषा
मनीषा

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