कांग्रेस ने कोरापुट में विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा: जनजातीय कार्य मंत्री को चिंता करनी चाहिए

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कांग्रेस ने कोरापुट में विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा: जनजातीय कार्य मंत्री को चिंता करनी चाहिए

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 01:34 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 01:34 PM IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) कांग्रेस ने ओडिशा के कोरापुट जिले में बॉक्साइट खनन परियोजना की मंजूरी के लिए ‘कानूनों का उल्लंघन किए जाने’ के खिलाफ स्थानीय लोगों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को इसकी चिंता करनी चाहिए कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसा क्यों हो रहा है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि वन अधिकार कानून को अक्षरशः लागू कराना जुएल ओराम की जिम्मेदारी है।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘ओडिशा में बॉक्साइट खनन के लिए कानूनों का उल्लंघन कर और बुलडोजर चलाकर मंजूरी हासिल करने के खिलाफ ग्रामीणों का ताजा विरोध अब कोरापुट जिले में जारी है। कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड पर, करीब 400 एकड़ वन भूमि को अवैध रूप से आवंटित करने का आरोप है, जिस पर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के पारंपरिक और आध्यात्मिक अधिकार वन अधिकार कानून, 2006 के तहत सुनिश्चित किए गए हैं। ‘

उनके अनुसार, ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम सभा की मंजूरियां खुल्लमखुल्ला धोखाधड़ी के जरिए हासिल करने के लिए कंपनी और जिला अधिकारियों के बीच सांठगांठ हुई, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है।

रमेश ने दावा किया, ‘ कलिंगा एल्युमिना पर कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों में भी इसी तरह के आरोप लग रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे वेदांता पर लगे। कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड की साख तो, वैसे, निश्चित रूप से बेदाग है -वह तेजी से फैलते ‘मोदानी’ साम्राज्य का हिस्सा है।’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम वन अधिकार कानून, 2006 को अक्षरशः लागू कराने के लिए जिम्मेदार हैं। वे स्वयं ओडिशा से आते हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर उन्हें इन विरोध प्रदर्शनों और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इनके लगातार उभरने की वजहों को लेकर अधिक चिंतित होना चाहिए।’

भाषा हक खारी मनीषा

मनीषा