एमवी ओशियन विनर के डूबने के बाद दो चीनी नागरिकों को ओडिशा के पारादीप लाया गया: तटरक्षक बल

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एमवी ओशियन विनर के डूबने के बाद दो चीनी नागरिकों को ओडिशा के पारादीप लाया गया: तटरक्षक बल

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 03:51 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के जहाज ‘वरद’ ने बंगाल की खाड़ी में करीब एक सप्ताह पहले डूबे पनामा के झंडे वाले एक बड़े मालवाहक जहाज की तलाश और बचाव अभियान के दौरान बृहस्पतिवार को दो चीनी नागरिकों को सुरक्षित ओडिशा के पारादीप पहुंचाया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

व्यापारिक जहाज एमवी ओशियन विनर में चालक दल के 24 सदस्य सवार थे। इनमें 20 चीनी, तीन म्यांमा के और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। यह जहाज सिंगापुर जा रहा था और 22 अगस्त को पारादीप तट से करीब 240 समुद्री मील दूर डूब गया।

श्री विजय पुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) ने तत्काल आसपास मौजूद एक वाणिज्यिक जहाज एमटी आइसोपोस का मार्ग बदलकर उसे ‘‘जहाज की तलाश करने और सहायता पहुंचाने’’ के लिए भेजा। उसी रात दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।

आईसीजी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारतीय तटरक्षक बल के जहाज वरद ने आज दो चीनी नागरिकों- पैन टोंगलाई और चेन जियानहे- को सुरक्षित पारादीप पहुंचाया। दोनों को 22 अगस्त को आपात स्थिति में जान बचाने वाली एक छोटी नाव से बचाया गया था। यात्रा के दौरान जहाज पर ही उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और अब आव्रजन ब्यूरो तथा स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें अधिकृत कंपनी प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया है।’’

उन्होंने बताया कि लापता चालक दल के सदस्यों का पता लगाने के लिए समुद्री और हवाई मार्ग से संयुक्त तलाश अभियान जारी है।

आईसीजी ने मंगलवार को बताया था कि लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश और बचाव अभियान को बीजिंग स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र के साथ समन्वय कर और मजबूत किया जा रहा है।

आईसीजी ने 22 अगस्त को तलाश और बचाव अभियान के लिए अपने तीन जहाज तैनात किए थे। आईसीजी के जहाज वरद और अनमोल को बचाव अभियान में लगाया गया था, जबकि विजित को अभियान को और मजबूत करने के लिए श्री विजय पुरम से रवाना किया गया था।

प्रवक्ता ने बताया कि एमवी ओशियन विनर का आखिरी ठहराव पारादीप था और उसका अगला गंतव्य सिंगापुर था।

अधिकारियों ने पहले बताया था कि यह जहाज ओडिशा से लौह अयस्क लेकर जा रहा था।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश