गिर सोमनाथ (गुजरात), 27 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ‘महिला-विरोधी’ कांग्रेस के कारण देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और अन्य ‘प्रगतिशील’ कानून लागू नहीं हो सके हैं तथा महिलाओं को समान अधिकार नहीं मिल पाए हैं।
गुजरात के गिर सोमनाथ आये शर्मा ने ‘जेन-जी’ और ‘जेन-अल्फा’ को पश्चिमी शब्दावली करार दिया और कहा कि इस तरीके से विभिन्न पीढ़ियों का वर्गीकरण सही नहीं है।
असम के मुख्यमंत्री ने यहां सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
उन्होंने हर नागरिक से अपनी उम्र की परवाह किए बिना देश को मजबूत बनाने में योगदान करने की भी अपील की।
शर्मा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस महिला विरोधी दल है, जिसकी वजह से देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं हो पायी और महिलाओं को बराबरी के अधिकार नहीं मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि महिलाओं को कांग्रेस का पूरी तरह से बहिष्कार करना चाहिए। हमारे देश में कुछ प्रगतिशील कानून न बन पाने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।’’
जब उनसे ‘जेन-जी’ के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे देश में ‘जेन-जी’ या ‘जेन अल्फा’ जैसी कोई अवधारणा नहीं है। यहां तो बेटे-बेटियां, माता-पिता और दादा-दादी होते हैं। ‘जेन-जी’ और ‘जेन-अल्फा’ ऐसे शब्द हैं जो अमेरिका और यूरोप से आए हैं तथा उस संस्कृति से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा दायित्व है कि हम अपने बेटे-बेटियों की भलाई के लिए काम करें। उन्हें ‘जेन-जी’ या ‘जेन-अल्फा’ जैसी श्रेणियों में बांटना सही नहीं है। हमें एक परिवार की तरह साथ रहना चाहिए, अपने बच्चों की भलाई के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए और देश को आगे बढ़ाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि जब देश के सामने चुनौतियां आती हैं, तो सभी को उनका सामना करना चाहिए और देश को आगे बढ़ाना चाहिए।
शर्मा ने कहा, ‘‘देश को मजबूत बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। चाहे कोई युवा हो या बुजुर्ग, देश की मजबूती में योगदान देना हर किसी का फर्ज है।’’
उन्होंने नेपाल में आयी बाढ़ के सिलसिले में कहा, ‘‘हाल में हमने असम में बाढ़ का सामना किया है और अब नेपाल में भी बाढ़ आई है। बाढ़ से लोगों की जान, संपत्ति और घर चले जाते हैं, भारी तबाही होती है एवं लोगों को बहुत दुख उठाना पड़ता है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह सभी को सुरक्षित और शांति से रखें।’’
सोमनाथ की यात्रा के सिलसिले में शर्मा ने कहा, ‘‘ मैं चुनाव से पहले यहां आशीर्वाद लेने आया था, जिसके बाद हमें असम में जीत मिली। मुझे सोमनाथ के लिए बड़े विकास कार्यों के बारे में बताया गया है, जिसमें इस पवित्र स्थल को और बेहतर बनाने के लिए इसके क्षेत्र का विस्तार करना भी शामिल है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा।’’
भाषा
राजकुमार गोला
गोला