उद्धव को राम व हनुमान की याद सिर्फ़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान ही आती है : मंत्री शिरसाट

उद्धव को राम व हनुमान की याद सिर्फ़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान ही आती है : मंत्री शिरसाट

उद्धव को राम व हनुमान की याद सिर्फ़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान ही आती है : मंत्री शिरसाट
Modified Date: July 17, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: July 17, 2026 7:13 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 17 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने शुक्रवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पार्टी का आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि उसके प्रमुख उद्धव ठाकरे को भगवान राम और हनुमान की याद केवल आंदोलन के समय ही आती है।

छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिरसाट ने ‘राम रक्षा’ आंदोलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि ठाकरे ने 2024 में अयोध्या मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण मिलने के बावजूद हिस्सा नहीं लिया था।

उन्होंने कहा, ‘यह उनका आंदोलन है और इस पर ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है लेकिन इससे यह साबित होता है कि उन्हें (उद्धव ठाकरे को) भगवान राम और हनुमान की याद केवल आंदोलन के समय आती है। उन्होंने हनुमान चालीसा भी पढ़ी है और अब धार्मिक बनने लगे हैं।’

शिवसेना नेता ने वर्ष 2022 की उस घटना का भी उल्लेख किया, जब पूर्व सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था।

शिरसाट ने कहा कि राज्य सरकार 18 जुलाई को नागपुर में होने वाले शिवसेना (उबाठा) के विरोध प्रदर्शन पर कोई रोक नहीं लगाएगी।

नागपुर के प्रदर्शन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी को आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे स्वयं अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हुए थे और उन्होंने निमंत्रण की अनदेखी की थी।

मंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच बातचीत का उल्लेख करते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में ‘बदलाव’ के संकेत भी दिए।

उन्होंने कहा, ‘राजनीति में बदलाव हो रहे हैं। मैंने सुना है कि शरद पवार की राजग के साथ बातचीत हो रही है। वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और सुनील तटकरे भी अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। इन वार्ताओं का नतीजा कुछ दिनों या एक सप्ताह में सामने आ जाएगा।’

शिवसेना नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नयी दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जल्द समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘अनशन का आज 20वां दिन है। अदालत ने भी इस पर संज्ञान लिया है। हमारी पार्टी का मानना है कि इस आंदोलन का कोई सकारात्मक समाधान निकालकर इसे समाप्त किया जाना चाहिए।’

पूर्व सांसद नवनीत राणा ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे का ‘राम रक्षा आंदोलन’ उनकी बिखरती पार्टी को बचाने की कोशिश है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में उद्धव ठाकरे को ‘जनाब’ संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन नहीं किए, लेकिन अब ‘पार्टी, विधायक और सांसद खोने के बाद उन्हें रामलला, राम रक्षा और हनुमान चालीसा की याद आ रही है।’

राणा ने कहा, ‘जो आज तक अयोध्या के राम मंदिर नहीं गए, वह ‘राम रक्षा’ कैसे कर सकते हैं? वह वास्तव में ‘पक्ष रक्षा’ (अपनी पार्टी को बचाने) का प्रयास कर रहे है।’

पूर्व सांसद ने ठाकरे से आग्रह किया कि वह 18 जुलाई को नागपुर यात्रा के दौरान अमरावती स्थित हनुमान गढ़ी भी आएं और उनके तथा राणा परिवार के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें।

उन्होंने कहा कि ठाकरे को अपना ‘राम रक्षा’ कार्यक्रम शुरू करने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय जाकर उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा के समक्ष नमन करना चाहिए।

भाषा राखी अविनाश

अविनाश


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