कानपुर, 20 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने सोमवार को नौकरी का झांसा देकर और बिना पंजीकरण के आयुर्वेदिक उत्पाद बेचकर 60 हजार से अधिक लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘विन मेकर आयुर्वेद’ और ‘विन मेकर वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से संचालित कंपनी बेरोजगार युवाओं को 25 हजार से 50 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी का झांसा देकर सेमिनार में बुलाती थी।
उन्होंने बताया कि वहां उन्हें 12 हजार से 30 हजार रुपये देकर अपंजीकृत आयुर्वेदिक दवा किट खरीदने और एमएलएम नेटवर्क से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था तथा इसके बाद उनसे नए लोगों को जोड़ने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ, अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बर्रा क्षेत्र स्थित मंगलम गार्डन में छापेमारी कर बिहार निवासी रवींद्र यादव, कमलेश कुमार और मंतोष पासवान, पश्चिम बंगाल निवासी रोहित शॉ, मध्यप्रदेश निवासी मंगल शाक्य तथा देवरिया निवासी राजू कुमार को गिरफ्तार किया। लाल ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना समेत कंपनी के दो प्रबंध निदेशक फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
अधिकारी के अनुसार, गिरोह ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों में 60 हजार से अधिक लोगों को ठगा, जिनमें अकेले कानपुर के करीब दो हजार लोग शामिल हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि पुलिस ने छापेमारी के दौरान छह मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, ऑडियो क्लिप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं।
उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
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