नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के आरोप में घी बनाने वाली कंपनी के प्रवर्तक को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को कहा कि तिरुपति लड्डू प्रसाद तैयार करने में इस्तेमाल किया गया घी कथित तौर पर रिफाइंड पाम ऑयल, पामोलीन और विभिन्न रसायनों से बनाया गया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के घी में मिलावट मामले में हैदराबाद स्थित ईडी कार्यालय ने सुकृति फूड्स के कैलाश चंद मंगला को 17 सितंबर को हिरासत में लिया।
एजेंसी ने कहा कि मंगला को विशाखापत्तनम की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी ने दावा किया कि उसकी जांच में पता चला कि मिलावटी घी (जिसका इस्तेमाल तिरुपति लड्डू प्रसाद तैयार करने में किया गया) कथित तौर पर रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलीन और एमजी-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवेसिट सॉफ्ट 400 तथा एसिटिक एसिड एस्टर समेत विभिन्न रसायनों का इस्तेमाल कर तैयार किया गया था। इसके बाद इसे टीटीडी को आपूर्ति के लिए एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय घी के रूप में भेजा गया।
एजेंसी ने दावा किया कि 2019-2024 के दौरान टीटीडी को इस तरह के घी की आपूर्ति का मूल्य 230 करोड़ रुपये था और इसमें से 96 करोड़ रुपये का मिलावटी घी मंगला द्वारा तैयार किया गया था।
एजेंसी ने कहा कि मंगला इस मामले में सह-साजिशकर्ताओं में से एक था। उसने मिलावट वाले पदार्थों की खरीद में मदद की और अपनी फैक्टरी परिसर में मिलावटी घी तैयार किया।
ईडी ने कहा, ‘‘उसने श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और ए.आर. डेयरी फूड्स समेत विभिन्न छद्म कंपनियों के जरिए मिलावटी घी की आपूर्ति का समन्वय भी किया।’’
ईडी ने आरोप लगाया, ‘‘मंगला ने घी और रिफाइंड पाम ऑयल की बिक्री तथा खरीद से संबंधित फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। इसका उद्देश्य मिलावट वाले पदार्थों के वास्तविक इस्तेमाल को छिपाना और असली गाय के घी के वैध उत्पादन एवं आपूर्ति का दिखावा करना था।’’
एजेंसी ने इससे पहले इसी तरह के आरोपों में भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क नामक कंपनी के प्रवर्तक और निदेशक विपिन जैन को गिरफ्तार किया था।
भाषा आशीष माधव
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