चेन्नई, नौ मई (भाषा) थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) टीवीके के नेतृत्व वाली नयी सरकार को समर्थन देने के बदले में उपमुख्यमंत्री पद समेत अहम मंत्रालयों की मांग कर सकती है। दलित समर्थक इस पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूत्र के अनुसार, यदि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) संस्थापक विजय तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट छोड़ते हैं, तो वीसीके चाहती है कि उस सीट से थोल थिरुमावलवन को चुनाव मैदान में उतारा जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार शाम थिरुमावलवन की अध्यक्षता में डिजिटल माध्यम से हुई बैठक में सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर चर्चा हुई।
सूत्र के अनुसार, बैठक में वीसीके के लिए दो या तीन महत्वपूर्ण पदों की मांग पर विचार किया गया। इसमें थिरुमावलवन के लिए उपमुख्यमंत्री पद और पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए कैबिनेट मंत्री पद की मांग भी शामिल थी।
वीसीके ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में दो सीट जीती हैं।
सूत्र ने संकेत दिया कि विदुथलाई चिरुथाइगल काची के नेता थिरुमावलवन तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
विजय ने दो विधानसभा सीट से जीत हासिल की है और उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। माना जा रहा है कि वह चेन्नई की पेरम्बूर सीट अपने पास रखेंगे।
डिजिटल माध्यम से हुई इस बैठक में वीसीके ने पिछली सरकार द्वारा जातीय हत्याओं की जांच के लिए गठित आयोगों को जारी रखने और सरकारी नौकरियों में दलितों के लिए पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
इस बीच, पार्टी द्वारा थिरुमावलवन के लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग किए जाने की अटकलों के बीच वीसीके के उपमहासचिव वन्नी अरसु ने पत्रकारों से कहा कि सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर पार्टी का रुख जनता की भावनाओं को दर्शाता है।
हालांकि, उन्होंने इस विषय पर विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि वीसीके राज्य में राष्ट्रपति शासन के पक्ष में नहीं है और चाहती है कि जनादेश प्राप्त करने वाली टीवीके सरकार बनाए।
वन्नी अरसु ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आपकी तरह मैं भी अपने नेता द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर पार्टी का फैसला घोषित किए जाने का इंतजार कर रहा हूं।’’
इन घटनाक्रमों के बीच द्रमुक के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली वीसीके के प्रमुख थिरुमावलवन ने शुक्रवार रात निवर्तमान मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से मुलाकात की।
भाषा गोला नेत्रपाल
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