नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया गया कि उन्होंने ‘‘भारत को विभाजित करने की बात करने वाले अपराधियों’’ के बचाव में आकर कुरान का अपमान किया है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन अमेरिकी सांसदों की भी कड़ी आलोचना की, जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद को जमानत देने का आग्रह किया है।
उन्होंने दावा किया कि वे भारत में ‘‘अपराधियों’’ के समर्थन में सामने आते हैं, लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले होते हैं तो ‘‘चुप रहते हैं’’।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी सांसदों ने चुप्पी साध रखी है।
ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी में ‘‘कड़वाहट’’ को महत्व नहीं देने और स्वयं पर इसके हावी नहीं होने पर खालिद के विचारों को याद किया।
ममदानी की इस चिट्ठी को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया।
हाथ से लिखी चिट्ठी पर ममदानी के दस्तखत भी हैं। उन्होंने लिखा है, ‘‘प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर चिंतित हैं।
इस बीच अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ‘‘निष्पक्ष और समयबद्ध’’ सुनवाई का आग्रह किया है।
फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में ‘‘मुख्य साजिशकर्ता’’ होने के आरोप में खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
यूएपीए के तहत जमानत हासिल करना अधिक कठिन हो जाता है और यह साबित करने का भार आरोपी पर होता है कि मामला झूठा है।
बंसल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘तथाकथित अमेरिकी सांसद और न्यूयॉर्क शहर के मेयर भारत में अपराधियों का साथ दे रहे हैं, लेकिन बांग्लादेश में जो हो रहा है उस पर चुप्पी साधे हुए हैं। वे तब भी चुप रहते हैं जब अमेरिका में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले होते हैं।’’
खालिद को चिट्ठी लिखने के लिए ममदानी की आलोचना करते हुए, विहिप के प्रवक्ता ने कहा कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर को ऐसा करने से पहले उनके बारे में ‘‘सच्चाई’’ का पता लगा लेना चाहिए था।
बंसल ने कहा, ‘‘यह कैसी मानसिकता है? हत्यारों का साथ देना… कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले नवनिर्वाचित मेयर ही उसका अपमान कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है।’’
उन्होंने ममदानी से ‘‘आत्मनिरीक्षण’’ करने को कहा।
ममदानी ने बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से न्यूयॉर्क शहर के मेयर के रूप में शपथ ली थी।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश