नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने एक कथित ‘‘आपत्तिजनक’’ वीडियो को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच बृहस्पतिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दावा किया कि गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई जांच ने उक्त वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर सभी संदेह दूर कर दिए हैं।
इन टिप्पणियां के दो दिन पहले गुरुग्राम पुलिस ने मान से जुड़े वीडियो के मामले में कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के आरोप में दर्ज शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को एक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज किया। व्यक्ति का आरोप था कि उससे वीडियो की फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के लिए संपर्क किया गया था।
इस महीने की शुरुआत में, सिखों की सर्वोच्च संस्था अकालतख्त ने मान को ‘‘गुरु-दोखी’’ (गुरु-विरोधी) और ‘‘खालसा पंथ विरोधी’’ घोषित किया। यह कार्रवाई एक वीडियो के आधार पर की गई, जिसमें कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करता हुआ दिखाई दे रहा था।
आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर हाल में भाजपा में शामिल हुए चड्ढा ने फॉरेंसिक रिपोर्ट में कथित हेरफेर की जांच की मांग की और यह भी कहा कि पंजाब के नए बेअदबी कानून के तहत मान के खिलाफ पहली प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया, ‘‘मान से जुड़े असली बेअदबी वाले वीडियो का सच अब सामने आ गया है। उस वीडियो के सच को छिपाने के लिए नकली और मनगढ़ंत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करके मान और पंजाब सरकार ने जो पाप किया था, उसका पर्दाफाश हो गया है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘यह वीडियो वास्तविक है या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बनाया गया अथवा पूरी तरह फर्जी है, इसे लेकर जो भी संदेह थे, वे अब समाप्त हो चुके हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि इस विवाद से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। चड्ढा ने कहा कि मान अब पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
चड्ढा ने यह भी आरोप लगाया कि आप ने अकालतख्त साहिब को चुनौती दी है और सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
मान ने वीडियो से जुड़े विवाद को खारिज करते हुए इसे उन्हें बदनाम करने के मकसद से फैलाया गया ‘‘दुष्प्रचार’’ बताया है।
आप की पंजाब इकाई ने भी यह दावा किया है कि दो प्रयोगशालाओं में किए गए फोरेंसिक टेस्ट से पता चला है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है।
भाषा आशीष मनीषा
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