बलरामपुर। लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग जहां मतदान का प्रतिशत बढ़ाने को लेकर कोशिशें कर रहा है। तो वहीं, दूसरी ओर चुनाव बहिष्कार की खबरें भी आने लगी हैं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और बालोद जिले के गांवों में स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
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बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत में स्थित कोगवार गांव में लोग करीब 3 साल पहले कराए गए मनरेगा के काम की मजदूरी भुगतान न होने से नाराज हैं। सैकडों की संख्या में ग्रामीणों ने मतदान में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से लेकर मंत्री तक शिकायत की, लेकिन आज तक मजदूरी भुगतान नहीं हुआ।
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हालांकि अब जनपद पंचायत CEO गांव का दौरा कर जल्द भुगतान कराने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं। वहीं, बालोद में डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के गांवों कुमुड़कट्टा और नलकसा के ग्रामीण पिछले 47 सालों से लाल पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जिसका असर इनकी फसलों पर भी देखा जा रहा है। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद यहां के ग्रामीणों को रोजगार व मूलभूत सुविधाएं अब तक नसीब नहीं हुई है।जिसको लेकर इन लोगों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है।