पश्चिम बंगाल : एसआईआर से जुड़ी हिंसा के मामले में एनआईए ने स्थानीय नेता को गिरफ्तार किया

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पश्चिम बंगाल : एसआईआर से जुड़ी हिंसा के मामले में एनआईए ने स्थानीय नेता को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 04:18 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 04:18 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अप्रैल में हुई एसआईआर से जुड़ी हिंसा के मामले में एक ‘‘स्थानीय नेता’’ को गिरफ्तार किया है। उस पर भीड़ द्वारा रास्ता अवरुद्ध करने और न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखने की घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

एनआईए के एक बयान के अनुसार, सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम ने कोलकाता स्थित एजेंसी के शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया। चौधरी मालदा जिले के मोथाबाड़ी के राजनेता हैं।

इस मामले में अब तक राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कुल 30 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

केंद्रीय एजेंसी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान भीड़ के विरोध-प्रदर्शनों और न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोके जाने से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच में सामने आया है कि सायेम चौधरी एक अप्रैल 2026 को ब्लॉक-दो के बीडीओ कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल था।

बयान में कहा गया है कि वह कथित तौर पर उस भीड़ का हिस्सा था, जिसने ‘‘कानून-व्यवस्था भंग’’ की और सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इसमें नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

एनआईए ने कहा कि जांच में पता चला है कि आरोपी ने घटना से एक दिन पहले बीडीओ कार्यालय के सामने भाषण दिया था, जिसमें लोगों को हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के लिए उकसाया गया था।

एनआईए ने कहा कि चौधरी ने कथित तौर पर अन्य सह-आरोपियों के साथ साजिश रची थी और एसआईआर अभियान के दौरान हिंसा, धमकी और बाधा उत्पन्न करने वाली अवैध सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया था।

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) इन घटनाओं के पीछे की व्यापक साजिश की जांच के तहत पश्चिम बंगाल में चुनाव-पूर्व हिंसा के विभिन्न मामलों में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है।

एजेंसी ने इन मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर शुरू की थी। उच्चतम न्यायालय ने मालदा में अप्रैल में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लिया था।

भाषा तान्या रंजन

रंजन