जयपुर, 12 अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष लोकतंत्र की रक्षा की ऐतिहासिक गाथा है तथा उनका त्याग और समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों से अपने अनुभवों के माध्यम से समाज को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री बुधवार को अपने आवास पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अनेक पीढ़ियों के बलिदान के बाद देश को आजादी मिली। वहीं, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने राष्ट्रहित में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लोकतंत्र की रक्षा की।
शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि उसे जो लोकतांत्रिक व्यवस्था सहज रूप से मिली है, उसके पीछे लोकतंत्र सेनानियों का त्याग छिपा है। इससे युवा लोकतंत्र के महत्व को समझने और उसके संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक लोकतंत्र सेनानी को अपने जीवन के अनुभवों को लिखित रूप में दर्ज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को संरक्षित करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानी समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए राष्ट्रहित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सभी वर्गों के साथ निरंतर संवाद करें, ताकि सुशासन, विकास और सामाजिक संवेदना सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता बने।
शर्मा ने कहा कि इससे कठिन समय में व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए योगदान देने की भावना भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की पीढ़ी ने आपातकाल को देखा और सहा है, इसलिए वे समाज और राष्ट्र को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुभवों का लाभ प्रदेश को मिलना चाहिए।
इस अवसर पर विधायक गोपाल शर्मा, पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत