जुबिन गर्ग मौत मामला: दो आरोपियों ने अदालत से जमानत अर्जी वापस ली

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जुबिन गर्ग मौत मामला: दो आरोपियों ने अदालत से जमानत अर्जी वापस ली

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 07:15 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 07:15 PM IST

गुवाहाटी, 22 जनवरी (भाषा) प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले में दो आरोपियों ने बृहस्पतिवार को यहां एक अदालत में सुनवाई के दौरान अपनी जमानत याचिकाएं वापस ले लीं। इन आरोपियों में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के निदेशक श्यामकानु महंत और गायक के चचेरे भाई संदीपन गर्ग शामिल हैं।

कामरूप महानगर जिला एवं सत्र न्यायालय सात आरोपियों में से पांच की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, उसी दौरान महंत और संदीपन गर्ग के वकीलों ने अपनी याचिकाएं वापस लेने का अनुमति मांगी।

पुलिस ने महंत पर हत्या का आरोप लगाया है जबकि असम पुलिस के निलंबित अधिकारी संदीपन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।

अदालत ने गायक अमृतप्रव महंत और गर्ग के निजी सुरक्षा अधिकारियों परेश बैश्य और नंदेश्वर बोरा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की।

अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को करेगी और तब जमानत याचिका पर आदेश पारित किए जाने की संभावना है।

मामले में दो अन्य आरोपी जुबिन के सचिव सिद्धार्थ शर्मा और उनके बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी ने अब तक जमानत की अर्जी नहीं दी है।

अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित हुए जबकि जुबिन की पत्नी गरिमा और उनकी बहन पालमी बोरठाकुर अदालत कक्ष में मौजूद थीं।

गरिमा ने संवाददाताओं से कहा कि अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए मजबूत दलीलें दीं और वे इससे संतुष्ट हैं।

बोरठाकुर ने कहा कि अदालत 30 जनवरी को जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी ‘‘जिसका हम इंतजार कर रहे हैं।’’

जुबिन एनईआईएफ में भाग लेने के लिए सिंगापुर गए थे, जहां 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई।

असम सरकार ने गायक की मौत की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी जिसने 12 दिसंबर को मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश