कठुआ,जम्मू-कश्मीर: Kathua Encounter News Today: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के पंजतीर्थी इलाके में सोमवार देर रात आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर भारी गोलीबारी की। सुरक्षाबलों ने रातभर इलाके की घेराबंदी बनाए रखी ताकि जंगल में छिपे तीन आतंकी भाग न सकें। यह पिछले 9 दिनों में कठुआ जिले में आतंकियों से तीसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले 28 मार्च को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था, लेकिन इस दौरान SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के चार जवान शहीद हो गए थे और DSP धीरज सिंह समेत तीन अन्य जवान घायल हुए थे जिनका इलाज अभी जारी है।
Kathua Encounter News Today: 30 मार्च को डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) शिव कुमार शर्मा ने बयान दिया था कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक इलाके में आखिरी आतंकी का सफाया नहीं हो जाता। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत सुरक्षाबलों को सूचना दें।
Kathua Encounter News Today: सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मारे गए और छिपे हुए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) से जुड़े हैं। इन आतंकियों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाना और सुरक्षाबलों पर हमले करना है। सुरक्षाबलों ने कठुआ जिले में हाई अलर्ट घोषित किया है।सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि कोई भी आतंकी बच न सके। स्थानीय लोगों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
कठुआ जिले में बार-बार आतंकियों की मुठभेड़ क्यों हो रही है?
कठुआ जिला पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है। आतंकी घुसपैठ कर इस क्षेत्र में छिपने की कोशिश करते हैं, जिससे यहां सुरक्षाबलों को लगातार ऑपरेशन चलाने पड़ रहे हैं।
क्या पंजतीर्थी इलाके में अभी भी खतरा बना हुआ है?
सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अभी भी कुछ आतंकियों के जंगल में छिपे होने की संभावना है।
आतंकियों का कौन-सा संगठन इस हमले में शामिल है?
इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) के आतंकी शामिल हैं।
सुरक्षाबलों की आगे की क्या योजना है?
DIG शिव कुमार शर्मा के अनुसार, ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक इलाके को पूरी तरह से आतंकियों से मुक्त नहीं कर दिया जाता।
शहीद हुए जवानों को क्या सम्मान दिया गया?
शहीद हुए जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। देशभर से लोग उनके बलिदान को सलाम कर रहे हैं।