Dalai Lama Birthday| Image Credit: X Handle
Dalai Lama Birthday: अंबिकापुर। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा आज अपना 90वां जन्मदिन मना रहे हैं। जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें पीएण मोदी से लेकर कई दिग्गजों ने बधाईयां दी है। पीएण मोदी ने उन्हें प्रेम, करुणा और धैर्य का प्रतीक बताया। अंबिकापुर में तिब्बती समुदाय ने धूम धाम से उनका जन्मदिन मनाया। भाजपा संगठन नेता अजय जामवाल और पवन साय भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। केक काटने के साथ ही पारंपरिक गीत गाकर जन्मदिन मनाया गया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
धर्मशाला और शिमला में भी इस खास मौके पर प्रार्थनाएं और कार्यक्रम आयोजित की गई। बता दें कि, दलाई लामा 1959 से भारत में शरण लिए हुए हैं और दुनिया भर में शांति और मानवता का संदेश दे रहे हैं। उन्हें तिब्बती समुदाय का सर्वोच्च नेता माना जाता है। पीएमने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि, मैं 1.4 बिलियन भारतीयों के साथ मिलकर परम पावन दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। वे प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के चिरस्थायी प्रतीक रहे हैं। उनके संदेश ने सभी धर्मों में सम्मान और प्रशंसा को प्रेरित किया है। हम उनके निरंतर अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए प्रार्थना करते हैं।
I join 1.4 billion Indians in extending our warmest wishes to His Holiness the Dalai Lama on his 90th birthday. He has been an enduring symbol of love, compassion, patience and moral discipline. His message has inspired respect and admiration across all faiths. We pray for his…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2025
दलाई लामा की 130 साल जीने की इच्छा
जन्मदिन से एक दिन पहले शनिवार को दलाई लामा ने कहा था कि, वह 130 साल या उससे अधिक जीवित रहना चाहते हैं। उनका उद्देश्य बौद्ध धर्म और तिब्बती समाज की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें करुणा के बोधिसत्व अवलोकितेश्वर से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस होता है। दलाई लामा ने कहा कि वह हर सुबह अवलोकितेश्वर के बारे में सोचकर दिन की शुरुआत करते हैं। उनकी वर्तमान शक्ति और धैर्य अवलोकितेश्वर के आशीर्वाद का परिणाम है।
‘दलाई लामा’ का क्या अर्थ है?
मालूम हो कि, ‘दलाई लामा’ एक मंगोलियाई शब्द है, जिसका मतलब होता है- ‘ज्ञान का महासागर’। तिब्बती बौद्ध परंपरा के मुताबिक, दलाई लामा करुणा के बोधिसत्व (बुद्ध के समान जागरूक प्राणी) के अवतार होते हैं। मान्यता है कि ये लोग अपने स्वयं के मोक्ष को टाल देते हैं ताकि दूसरों की सेवा कर सकें। दलाई लामा तिब्बत के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक नेता होते हैं।