Consumer Court Fines Indian Railway / Image Source : X
पटना : Consumer Court Fines Indian Railway भोजपुर कंज्यूमर कोर्ट ने यात्रियों को आरक्षित बर्थ उपलब्ध न कराने पर भारतीय रेलवे को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने रेलवे को उन चार यात्रियों को 20,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है, जिन्हें अपनी पूरी यात्रा ट्रेन में खड़े होकर पूरी करनी पड़ी थी। यह मामला तब सामने आया जब विंध्याचल से आरा जा रहे चार यात्री एलटीटी पटना एक्सप्रेस में सवार हुए और उन्होंने पाया कि उनकी आरक्षित सीटों पर खुद रेलवे के कर्मचारी बैठे हुए थे, जिन्होंने अनुरोध के बाद भी सीट खाली नहीं की।
शिकायत के अनुसार, यात्रियों ने यात्रा के दौरान रेलवे हेल्पलाइन, एसएमएस और सोशल मीडिया के जरिए रेल मंत्रालय से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बक्सर स्टेशन पर जब टीटीई से शिकायत की गई, तो उसने भी भीड़ का हवाला देकर संभालने को कह दिया। इस पर रेलवे ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह कानून-व्यवस्था का मामला है जो जीआरपी के अधीन आता है और सेवा में कोई कमी नहीं हुई है। Railway Compensation For Standing Journey हालांकि, कोर्ट ने यात्रियों के टिकट, टेक्स्ट मैसेज और तस्वीरों की समीक्षा के बाद रेलवे के दावों को खारिज कर दिया और पाया कि रेलवे के कारण यात्रियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
कंज्यूमर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर मध्य रेलवे और रेल मंत्रालय को आदेश दिया है कि वे यात्रियों की बुकिंग राशि 1,876.80 रुपये का 8% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाएं। इसके साथ ही 20,000 रुपये का मुआवजा और 15,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 60 दिनों के भीतर भुगतान करें। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो शिकायतकर्ता कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से 10% वार्षिक ब्याज के साथ यह राशि वसूलने का हकदार होगा।