Mohan Bhagwat on Love Jihad: महिलाओं के कारण सुरक्षित है धर्म.. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शक्‍ति संवाद को किया संबोधित, लव जिहाद को रोकने के लिए बताए ये अहम उपाय

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Mohan Bhagwat on Love Jihad: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं की भूमिका और लव जिहाद को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 11:27 PM IST,
    Updated On - January 3, 2026 / 11:28 PM IST

Mohan Bhagwat on Love Jihad/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मोहन भागवत ने स्त्री शक्ति पर चर्चा
  • परिवार में संवाद से लव जिहाद रुकेगा
  • बेटियों को आत्मरक्षा का संस्कार जरूरी

Mohan Bhagwat on Love Jihad: भोपाल: भोपाल में हाल ही में आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं की भूमिका और लव जिहाद को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कारण ही धर्म सुरक्षित है और समाज में स्थिरता बनी रहती है।

परिवार में संवाद से लव जिहाद रुकेगा-भागवत

मोहन भागवत ने लव जिहाद जैसे अपराधों को रोकने के लिए तीन स्तरों पर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पहला स्तर परिवार के भीतर निरंतर संवाद स्थापित करना है, जिससे यह समझा जा सके कि बेटी किसी अपरिचित के बहकावे में कैसे आ गई और परिवार में आपसी संवाद की कमी इस समस्या का एक बड़ा कारण है।

बेटियों को आत्मरक्षा का संस्कार जरूरी-भागवत

दूसरा स्तर बच्चों, विशेषकर बेटियों, को सावधानी और आत्मरक्षा का संस्कार देना है ताकि वे अपने अधिकार और सुरक्षा के प्रति सजग रहें। तीसरा स्तर अपराध करने वालों का प्रभावी निराकरण करना है।

भारतीय परंपरा में महिला का स्थान ऊंचा-भागवत

संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि पश्चिमी समाज में विवाह के बाद महिलाओं का स्थान तय होता है, जबकि भारतीय परंपरा में महिला का स्थान मातृत्व और समाज में योगदान के माध्यम से और अधिक ऊंचा माना जाता है। उन्होंने आधुनिकता की आड़ में पश्चिमीकरण थोपने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया। मोहन भागवत ने कहा कि लव जिहाद केवल कानून से नहीं, बल्कि परिवार और समाज के स्तर पर संवाद और शिक्षा से भी रोका जा सकता है।

कार्यक्रम शिवनेरी भवन में आयोजित हुआ, जिसमें प्रांत संघचालक अशोक पांडेय और विभाग संघचालक सोमकांत उमालकर भी मौजूद रहे। उन्होंने महिलाओं की सशक्त भूमिका और परिवार तथा समाज में संवाद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

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