Gwalior Property Tax Dues: ग्वालियर में टैक्स बकायेदारों की लिस्ट ने चौंकाया, स्वर्गीय माधवराव सिंधिया का नाम भी शामिल, ये बड़ा सवाल आया सामने

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Gwalior Property Tax Dues: मध्यप्रदेश के Gwalior में संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। Gwalior Municipal Corporation ने हाल ही में संपत्तिकर के बकायादारों की सूची जारी की है, जिसमें कई बड़े नाम और संस्थान शामिल हैं।

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 11:50 AM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 11:50 AM IST

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HIGHLIGHTS
  • ग्वालियर में संपत्तिकर बकायादारों की सूची
  • माधवराव सिंधिया का नाम शामिल
  • 33.32 लाख रुपए बकाया बताए

Gwalior Property Tax Dues: ग्वालियर: मध्यप्रदेश के Gwalior में संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। Gwalior Municipal Corporation ने हाल ही में संपत्तिकर के बकायादारों की सूची जारी की है, जिसमें कई बड़े नाम और संस्थान शामिल हैं। इस सूची में दिवंगत नेता Madhavrao Scindia का नाम भी सामने आने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार उनके नाम से दर्ज संपत्ति पर करीब 33.32 लाख रुपये का संपत्तिकर बकाया बताया गया है। सूची जारी होते ही शहर में इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, क्योंकि लंबे समय से बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

Gwalior Property Tax: कई सरकारी और निजी कार्यालयों पर भी करोड़ों रुपये का संपत्तिकर बकाया

वहीं, पूरे मामले में चौंकाने वाली बात तो यह है कि, इस सूची में Madhavrao Scindia का नाम भी सामने आया है। नगर निगम द्वारा जारी सूची के मुताबिक शहर में कई सरकारी और निजी कार्यालयों पर भी करोड़ों रुपये का संपत्तिकर बकाया है। निगम प्रशासन का कहना है कि टैक्स वसूली बढ़ाने और राजस्व को मजबूत करने के लिए बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की गई है। अधिकारियों के अनुसार जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स जमा नहीं हुआ है, उनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी करने, संपत्ति कुर्क करने या अन्य कानूनी कदम उठाने की भी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। निगम का मानना है कि यदि बकाया कर की वसूली समय पर हो जाए तो शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।

Gwalior Municipal Corporation tax list: कांग्रेस के पार्षद सदन में उठा चुके हैं यह मुद्दा

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। Indian National Congress के पार्षद पहले ही नगर निगम के सदन में इस मामले को उठा चुके हैं। उनका कहना है कि शहर के कई बड़े इलाकों और संपत्तियों से संपत्तिकर की वसूली को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। खासतौर पर महल क्षेत्र और **Katora Tal इलाके की दुकानों से नगर निगम कितना संपत्तिकर वसूल कर रहा है, इसका भी स्पष्ट ब्योरा सामने आना चाहिए। पार्षदों का आरोप है कि यदि बड़े बकायेदारों से समय पर टैक्स वसूला जाए तो निगम की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। फिलहाल नगर निगम द्वारा जारी सूची के बाद यह मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।