इंदौर, छह सितंबर (भाषा) मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में महिला चालकों वाली दो शहरी परिवहन बसें सोमवार को अपने पहले सफर पर रवाना हुईं।
अधिकारियों ने बताया कि ये ‘पिंक बसें’ शहर की महिला यात्रियों की सुविधा के लिए खासतौर पर चलाई जा रही हैं और खास बात यह है कि बस के कर्मचारी दल में केवल महिलाओं को शामिल किया गया है।
राज्य की पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर इन बसों को पहले सफर पर रवाना किया। उन्होंने इस मौके पर कहा, ‘हमारे लिए बेहद आनंद का क्षण है कि राज्य में पहली बार महिला चालकों ने शहरी परिवहन बसों की कमान संभाल ली है।’
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के पूर्व होलकर राजवंश की शासक अहिल्याबाई होलकर की 226वीं पुण्यतिथि पर शुरू की गईं ‘पिंक बसों’ को चलाने के लिए दो महिला चालकों रितु नरवाले (35) और अर्चना कटारे (30) को एक माह का खास प्रशिक्षण दिया गया है।
आत्मविश्वास से लबरेज नरवाले ने बताया, ‘मैं पहली बार बस चला रही हूं और इस काम को लेकर उत्साहित हूं। इससे पहले, मैं टैक्सी के रूप में कार चला चुकी हूं।’
अन्य महिला चालक कटारे ने कहा, ‘मैं स्थानीय होटलों की कार चलाने का काम कर चुकी हूं। मैं कुछ अलग करना चाहती थी। इसलिए मैंने बस चलाने का निर्णय किया।’
अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी क्षेत्र की यातायात कंपनी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) की दोनों ‘पिंक बसें’ शहर के 11.5 किलोमीटर लम्बे बीआरटीएस गलियारे में दौड़ेंगी और इनमें हर रोज लगभग 2,000 महिलाओं के सफर करने का अनुमान है।
अधिकारियों के मुताबिक दोनों बसों में परिचालक का दायित्व भी महिलाएं ही संभाल रही हैं।
भाषा हर्ष शफीक