मप्र : इंदौर दूषित जल मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा, राज्यपाल का अभिभाषण बाधित

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मप्र : इंदौर दूषित जल मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा, राज्यपाल का अभिभाषण बाधित

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 07:57 PM IST

भोपाल, 16 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया, जिसके कारण राज्यपाल मंगुभाई पटेल अपना अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ सके।

राज्यपाल द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों और प्रस्तावों का उल्लेख किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल के अभिभाषण में ‘स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने’ के सरकार के संकल्प पर भी सवाल उठाया, जिसके बाद कांग्रेस के अन्य विधायक भी उनके समर्थन में खड़े हो गए।

हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य सरकार की उपलब्धियों के उल्लेख पर मेज थपथपाते रहे। परंपरा के अनुसार राज्यपाल के औपचारिक रूप से सदन से बाहर जाने के बाद कार्यवाही पुनः शुरू हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्यपाल द्वारा नहीं पढ़ा जा सका शेष अभिभाषण सदन में पढ़ा हुआ माना जाएगा।

इसके बाद भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन वरिष्ठ विधायक अर्चना चिटनिस ने किया। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी।

सदन की कार्यवाही के दौरान नारेबाजी जारी रहने के बीच अध्यक्ष ने दिन की कार्यसूची पूरी होने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को पेश किया जाएगा, जबकि बजट सत्र छह मार्च को समाप्त होगा।

इससे पहले, दिन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बयान में कहा कि उन्होंने विशेष रूप से इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई दुखद घटना का उल्लेख किया, जहां दूषित पानी पीने से निर्दोष लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण यह त्रासदी हुई।

सिंघार ने सवाल उठाया कि बजट सत्र के पहले दिन सदन में उन परिवारों का दर्द, उनके आंसू और उनके सवाल क्या महत्वपूर्ण नहीं हैं। सिंघार ने कहा कि आने वाला राज्य बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें जमीनी हकीकत भी झलकनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने राज्य के बढ़ते कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की, ताकि जनता को राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति की पारदर्शी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल बजट में की गई घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच के अंतर को सदन में उजागर करेगा।

उल्लेखनीय है कि मप्र सरकार ने उच्च न्यायालय में प्रस्तुत अपनी ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में बताया है कि दिसंबर 2025 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण 16 लोगों की मौत हुई थी।

भाषा

दिमो रवि कांत