भोपाल, आठ जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में एक गैर-सरकारी एजेंसी द्वारा श्रद्धालुओं से नकदी और आभूषण के रूप में चढ़ावा एकत्र किए जाने की शिकायतों के मद्देनजर बुधवार को मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के शासन में अब भगवान की तिजोरी भी सुरक्षित नहीं है।
पार्टी नेताओं ने इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से चुप्पी तोड़ने और स्पष्टीकरण देने की भी मांग की।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो लोग इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेश के आगर मालवा जिला प्रशासन ने बगलामुखी मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी शिकायतों की जांच के लिए मंगलवार को तीन सदस्यीय समिति गठित की और उसे सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
आरोप है कि एक गैर-सरकारी एजेंसी मंदिर परिसर में सरकारी प्रबंधन समिति से अलग श्रद्धालुओं से नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषणों के रूप में चढ़ावा एकत्र कर रही थी।
मां बगलामुखी का यह प्राचीन मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है, जहां चुनाव के दौरान अनेक राजनीतिक हस्तियां पूजा-अर्चना और हवन के लिए पहुंचती हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राम मंदिर में चंदा चुराया, बद्रीनाथ में चढ़ावा चुराया, अब चंदा चोरी की आंच मध्य प्रदेश भी आ गई है। नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में भी चढ़ावे की चोरी की खबर आई है।’
उन्होंने कहा, ‘वोट चोरी, सीट चोरी, पेपर चोरी, अब मंदिर में भी चोरी। यह कैसे चौकीदार हैं, जिनके राज में सिर्फ़ चोरी ही हो रही है?’
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चंदा चोरी से पूरा देश अवगत है और अब मां बगलामुखी मंदिर में सोने-चांदी के आभूषणों और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
उन्होंने कहा, ‘भाजपा के शासन में अब भगवान की तिजोरी भी सुरक्षित नहीं है।’
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर ने स्वयं स्वीकार किया है कि चढ़ावे और आभूषणों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
सिंघार ने कहा कि जिस तरह से भाजपा सरकार में मंदिरों की लूट हो रही है, यह देख के डर लगता है की अगला नंबर उज्जैन महाकाल मंदिर का तो नहीं?
उन्होंने कहा कि इससे पहले ओरछा के राजा राम सरकार मंदिर से नकद राशि और गहने गायब होने का मामला सामने आया था और 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस मामले में चुप्पी तोड़ने और आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं और इस सिलसिले में समिति भी गठित कर दी गई है।
उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा जो भी लोग इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
लोधी ने मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि मंदिर की शासकीय समिति का भी ऑडिट होगा, जो हर तीसरे महीने किया जाएगा।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
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