Rahul Gandhi IN MP
जबलपुर: कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने केन्द्र और राज्य की सरकारों में ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के अधिकारियों की हिस्सेदारी का मुद्दा उछाल दिया है। आज जबलपुर में आमसभा करते हुए राहुल गांधी ने पूछा कि जो सरकार चला रहे हैं उनमें दलित कितने हैं? राहुल ने कहा कि पीएम मोदी एमपी में ओबीसी की सरकार बताते हैं लेकिन प्रदेश की सरकार चला रहे 53 आला अधिकारियों में सिर्फ 1 ओबीसी है।
राहुल ने कहा कि जब प्रदेश के बजट से 100 रुपए खर्च होता है तो उसमें से सिर्फ 33 पैसे के खर्च का निर्णय ओबीसी अफसर ले रहे हैं जो नाइंसाफी है। राहुल ने इस पर मंच से सीएम शिवराज से सवाल पूछा और उन्हें कल तक जवाब देने की चुनौती भी दे डाली। राहुल ने कहा कि एमपी और हिंदुस्तान का एक्स रे होना चाहिए ताकि ओबीसी, दलित आदिवासी वर्ग के दर्द का पता चल सके। राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को ये एक्स रे बताया और कहा कि इसकी शुरुआत एमपी में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद की जाएगी। राहुल ने कहा कि ओबीसी वर्ग का फायदा लेकर नरेन्द्र मोदी पीएम तो बन गए लेकिन जब ओबीसी वर्ग को न्याय देेने की बारी आई तो वो कहने लगे कि देश में सिर्फ एक ही जाति गरीबी है।
राहुल गांधी ने एमपी को बलात्कार की कैपिटल बता दिया और कहा कि यहां सबसे ज्यादा बलात्कार होते हैं और दलित आदिवासियों पर अत्याचार में भी एमपी नंबर वन है। राहुल ने कहा जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो छोटे व्यापारियों के लिए बैंकों के दरवाजे खोल दिए जाएंगे और यहां स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी मजबूत की जाएंगी कि लोगों को इलाज के लिए नागपुर ना जाना पड़े। राहुल गांधी जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र के कांचघर चौराहे में एक आमसभा को संबोधित कर रहे थे। राहुल गांधी आज रात जबलपुर में ही गुजार रहे हैं। कल राहुल गांधी रोड शो के लिए सतना रवाना होंगे।\