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Vikram University Controversy: उज्जैन: उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में एक प्रश्नपत्र को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित पेपर सेटर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
दरअसल, हाल ही में आयोजित परीक्षा के दौरान एक सवाल पूछा गया था—“अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है”, जिसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, सोमेश्वर, खुदा, शक्तिवान और दंड देने वाला। इस सवाल को लेकर हिंदू संगठनों, खासकर हिंदू जागरण मंच ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया। मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठने लगे और तत्काल जांच शुरू की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। अब्बास हफीज ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका कहना है कि इस तरह के प्रश्नों का उद्देश्य समाज का माहौल खराब करना हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सरकार के भीतर से हुआ है या सरकार को बदनाम करने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय सरकार के अधीन होता है, इसलिए इस तरह के विवादित सवाल पूछे जाना गंभीर मामला है। अब्बास हफीज़ ने विरोध कर रहे संगठनों से अपील की कि वे सीधे सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराएं, बजाय इसके कि माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बनाया जाए। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों के जरिए जानबूझकर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, अजय सिंह यादव ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। अजय सिंह यादव के अनुसार, वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और पाठ्यक्रम को इस तरह से तैयार किया गया है कि छात्रों तक सही और संतुलित जानकारी पहुंचे।