मशहूर यूट्यूबर डॉ. पाटिल का दावा, मुंबई पुलिस की ओर से जारी लुकआउट सर्कुलर अभी भी प्रभावी

मशहूर यूट्यूबर डॉ. पाटिल का दावा, मुंबई पुलिस की ओर से जारी लुकआउट सर्कुलर अभी भी प्रभावी

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 09:54 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 09:54 PM IST

मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) मशहूर यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल ने सोमवार को दावा किया कि मुंबई पुलिस की ओर से उनके खिलाफ जारी किया गया लुकआउट सर्कुलर “इसे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बावजूद” अब भी प्रभावी है, क्योंकि उन्हें आज सुबह हवाई अड्डे पर उस समय रोका गया, जब वह ब्रिटेन से लौट रहे थे।

ब्रिटिश नागरिक डॉ. पाटिल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और कहा कि उनके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर प्रभावी है।

डॉ. पाटिल ने दावा किया कि आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इस सर्कुलर के कारण वह भारत नहीं छोड़ सकते।

मुंबई पुलिस ने 10 जनवरी को साइबर अपराध से जुड़े मामले के सिलसिले में डॉ. पाटिल को हिरासत में लिया था। हालांकि, अधिकारियों ने उस समय स्पष्ट किया था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है, जो पुलिस को कुछ मामलों में आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय नोटिस जारी करने की अनुमति देती है, जहां निर्धारित जेल की अवधि कम होती है।

डॉ. पाटिल ने दावा किया कि अपराध शाखा इकाई तीन ने उन्हें 16 जनवरी को बुलाया था और उन्होंने उसी दिन पुलिस के सभी सवालों के लिखित जवाब जमा कर दिए थे।

डॉ. पाटिल ने कहा, “मैंने अपना बयान दिया और पुलिस से लुकआउट सर्कुलर रद्द करने का अनुरोध किया, क्योंकि जांच पूरी हो चुकी थी और मुझे 19 जनवरी को वापस जाना था। पुलिस ने 10 जनवरी के बाद सर्कुलर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और इसके लिए मेरे हस्ताक्षर एवं पासपोर्ट फोटो ले लिए थे।”

उन्होंने कहा, “19 जनवरी को मेरे द्वारा वापसी की सूचना दिए जाने के बावजूद लुकआउट सर्कुलर वापस नहीं लिया गया। मैं एक ब्रिटिश नागरिक हूं। पुलिस की इन कार्रवाइयों के कारण मेरी आवागमन की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी सीमित हो गई है।”

भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी निखिल भामरे की शिकायत पर पिछले साल दिसंबर में एनएम जोशी मार्ग पुलिस थाने में डॉ. पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

अपनी शिकायत में भामरे ने आरोप लगाया है कि डॉ. पाटिल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बारे में झूठी जानकारी फैलाई और उसके नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

भाषा पारुल माधव

माधव