मराठवाड़ा विवि ने 29 कॉलेजों में पीजी पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाई

मराठवाड़ा विवि ने 29 कॉलेजों में पीजी पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाई

मराठवाड़ा विवि ने 29 कॉलेजों में पीजी पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाई
Modified Date: May 29, 2026 / 11:23 am IST
Published Date: May 29, 2026 11:23 am IST

नांदेड़, 29 मई (भाषा) स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संबद्ध 29 कॉलेजों में परास्नातक (पीजी) पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगा दी है।

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इन कॉलेजों को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक लेखा परीक्षा (एएए) में 40 प्रतिशत से कम अंक अथवा ‘एफ’ ग्रेड प्राप्त हुआ है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि इन कॉलेजों को आगामी शैक्षणिक सत्र में पारंपरिक पीजी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रवेश देने से प्रतिबंधित किया गया है।

परिपत्र में कहा गया है, ‘‘यदि कोई कॉलेज इस निर्देश का उल्लंघन कर प्रवेश देता है तो पात्रता निरस्त होने, परीक्षा फॉर्म अस्वीकार होने, प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाने अथवा परिणाम रोके जाने सहित विद्यार्थियों को होने वाले किसी भी शैक्षणिक नुकसान के लिए संबंधित संस्थान स्वयं जिम्मेदार होगा।’’

अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई केवल पारंपरिक पीजी पाठ्यक्रमों पर लागू होगी, जबकि फार्मेसी, विधि, बीएड/एमएड और शारीरिक शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करने वाले व्यावसायिक कॉलेजों को इससे छूट दी गई है।

उन्होंने बताया कि एएए मूल्यांकन के तहत जांचे गए 72 कॉलेजों में से पांच संस्थानों को ‘ओ’ ग्रेड और 11 को ‘ए’ ग्रेड मिला। वहीं 13 कॉलेजों को ‘बी’, चार को ‘सी’, पांच को ‘डी’ और पांच को ‘ई’ ग्रेड दिया गया, जबकि सर्वाधिक 29 कॉलेज ‘एफ’ श्रेणी में रहे।

अधिकारी ने बताया कि ‘एफ’ श्रेणी में आने वाले 29 कॉलेजों में 18 नांदेड़ जिले, सात लातूर जिले और चार परभणी जिले के हैं।

उन्होंने बताया कि यह निर्णय कुलपति डॉ. मनोहर चास्कर की अध्यक्षता में हुई शैक्षणिक परिषद और ‘बोर्ड ऑफ डीन्स’ की बैठकों में लिया गया।

भाषा मनीषा शोभना

शोभना


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