Chandra Grahan Kab Hai: 96% तक ढक जाएगा चांद और आसमान पर छाएगा अंधेरा! लेकिन क्या भारत वाले कर पाएंगे ‘ब्लड मून’ का दीदार?

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Chandra Grahan Kab Hai: आने वाले 28 अगस्त को साल का खास चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। जब चंद्रमा गहरे लाल रंग में नजर आएगा। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को 'ब्लड मून' कहा जाता है। अब सवाल यह है कि क्या भारत के लोग इस खूबसूरत नजारे को अपनी आंखों से देख पाएंगे?

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  • Publish Date - August 13, 2026 / 02:47 PM IST,
    Updated On - August 13, 2026 / 02:49 PM IST

(Chandra Grahan Kab Hai/ Image Credit: Pexels)

HIGHLIGHTS
  • 28 अगस्त को लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण।
  • भारत में नहीं दिखाई देगा ग्रहण।
  • सुबह 9:42 बजे होगा ग्रहण का चरम।

Chandra Grahan Kab Hai: आने वाले 28 अगस्त को लगने वाले चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan Kab Hai) को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। यह साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। खास बात यह है कि इस दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। ग्रहण के दौरान पृथ्वी की गहरी छाया पानी अम्ब्रा चंद्रमा के करीब 93 से 96 प्रतिशत हिस्से के ढक लेगी। इसके कारण चांद पूरी तरह काला नहीं होगा बल्कि गहरे लाल या तांबे जैसे रंग में दिखाई देगी। इसी खूबसूरत नजारे को आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

सुबह से दोपहर तक रहेगा ग्रहण

खगोलीय गणना के अनुसार, 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan Kab Hai) सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि करीब 5 घंटे 39 मिनट बताई गई है। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण अपने चरम पर लगभग सुबह 9 बजकर 42 मिनट पर पहुंचेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में रहेगा और लाल रंग का प्रभाव दिखाई देगा।

भारत में नहीं दिखाई देगा ग्रहण

इस चंद्र ग्रहण को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसे भारत से देखा जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त का यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा भारत के आसमान में क्षितिज से नीचे रहेगा। हालांकि दुनिया के कई दूसरे हिस्सों में लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। उत्तर और दक्षिण अमेरिका के बड़े हिस्से, यूरोप, अफ्रीका के कुछ क्षेत्र और प्रशांत, अटलांटिक व हिंद महासागर के इलाकों में ग्रहण नजर आएगा।

भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है और ग्रहण समाप्त होने के साथ यह खत्म हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखने और शुभ कार्यों से बचने जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूतक का प्रभाव वहीं माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। चूंकि 28 अगस्त का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

रक्षा बंधन पर नहीं पड़ेगा असर

28 अगस्त को चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan Kab Hai) होने के बावजूद भारत में रक्षा बंधन के त्योहार पर किसी तरह की बाधा नहीं रहेगी। ग्रहण देश में दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक प्रभाव भी लागू नहीं होगा। ऐसे में लोग पूरे दिन सामान्य तरीके से रक्षा बंधन का त्योहार मना सकते हैं और भाई-बहन राखी बांधने की रस्म पूरी कर सकते हैं।

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28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण कितने बजे शुरू होगा?

चंद्र ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगा।

क्या 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

नहीं, यह चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा।

क्या 28 अगस्त को ‘ब्लड मून’ दिखाई देगा?

ग्रहण के दौरान चंद्रमा का बड़ा हिस्सा गहरे लाल या तांबे जैसे रंग में दिखाई दे सकता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

क्या भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा?

नहीं, ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।