भोपाल, 14 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को भारत के विभाजन को 20वीं सदी की सबसे दुखद घटनाओं में से एक करार दिया और कहा कि किसी देश को आगे बढ़ने और प्रगति करने के लिए इतिहास से सीखने की जरूरत है।
भोपाल में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल के लोगों को अपनी मातृभूमि को वापस पाने के लिए 2,000 साल तक संघर्ष करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “भारत का विभाजन पिछली सदी की सबसे दुखद घटनाओं में से एक था, जिसे शब्दों में बयां भी नहीं किया जा सकता। लोग विभाजन के दर्द के बारे में बात नहीं करना चाहते, लेकिन अगर किसी देश को आगे बढ़ना है और प्रगति करनी है, तो उसे इतिहास की सीमाओं से सबक लेना होगा।”
यादव ने कहा, “इजराइल के लोगों ने अपनी भूमि और राष्ट्र खो दिया और इसे वापस पाने में उन्हें 2,000 साल लग गए। लेकिन उन्होंने देशभक्ति दिखाई। दुनिया भर में फैले (इजराइल के) लोग साल में एक बार एक जगह इकट्ठा होते थे और शपथ लेते थे कि वे अगले साल अपने देश में मिलेंगे। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा होने में 2,000 साल लग गए।”
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कई पीढ़ियां खत्म हो गईं क्योंकि भारत के साथ ही इजराइल को भी आजादी मिली। उन्होंने कहा, “मैंने यह उदाहरण इसलिए दिया ताकि आप आजादी की गंभीरता को समझ सकें।”
उन्होंने कहा कि बारहवीं सदी के शासक पृथ्वीराज चौहान ने आक्रमणकारियों को 17 बार क्षमादान दिया, लेकिन आक्रमणकारियों को केवल एक ही मौका मिला और उन्होंने इसे नहीं गंवाया।
उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम लीग ने चुनाव लड़ा, तो देशभक्त मुसलमानों ने अंग्रेजों की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया लेकिन कांग्रेस ने अपनी राजनीति बदल दी, जिसके परिणामस्वरूप मुस्लिम लीग की विभाजनकारी राजनीति की जीत हुई और देश का विभाजन हुआ।
भाषा सं दिमो जितेंद्र
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