… तपन मोहंता …
कोलकाता, नौ मई (भाषा) अनुकूल रॉय ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए इस सत्र में धीरे-धीरे लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए खुद को टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल कर लिया है। टीम ने भी अनुकूल की बढ़ती भूमिका के साथ खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बाएं हाथ के इस झारखंड के हरफनमौला ने पथुम निसंका और ट्रिस्टन स्टब्स के अहम विकेट चटकाए और 31 रन देकर दो विकेट हासिल किए। केकेआर ने 143 रन के लक्ष्य को महज 14.2 ओवर में हासिल कर लगातार चौथी जीत दर्ज की और प्लेऑफ की उम्मीदें मजबूत कर लीं। अनुकूल ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया है, लेकिन वह बल्लेबाजी में भी और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं और मध्यक्रम में अधिक जिम्मेदारी लेना चाहते हैं। इस 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने ‘पीटीआई’ को दिये साक्षात्कार में कहा कि वह दोनों भूमिकाओं के लिए खुद को समान रूप से तैयार रखते हैं और जरूरत पड़ने पर योगदान देने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर टीम पहले बल्लेबाजी करे तो मैं ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ने की कोशिश करता हूं और गेंदबाजी करते समय रन रोकने और विकेट लेने पर ध्यान देता हूं, जिससे टीम का दबदबा बना रहे।” 2018 की अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रह चुके अनुकूल ने उस टूर्नामेंट में 14 विकेट लिए थे और संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। उस टीम में शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा भी शामिल थे। आईपीएल से पहले उन्होंने झारखंड के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने 303 रन और 18 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ रिंकू सिंह के साथ उनकी साझेदारी और पारी के अंत में खेली गई उपयोगी पारी भी टीम के लिए अहम साबित हुई थी। उस मुकाबले में उन्होंने 16 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाए थे। अनुकूल ने माना कि उन्हें नंबर छह या सात नंबर पर बल्लेबाजी करना सबसे पसंद है और वह फिनिशर की भूमिका में सहज महसूस करते हैं, लेकिन टीम की जरूरत के अनुसार ऊपर खेलने के लिए भी तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, “आम तौर पर केकेआर में मुझे स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता है, लेकिन अभी तक बल्ले से मेरा प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन नंबर छह या सात है। मैं शुरू से ही इसी स्थान पर खेलता आया हूं, लेकिन अगर टीम मुझे ऊपर भेजती है तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं।” अनुकूल ने यह भी बताया कि झारखंड के लिए खेलते समय स्पष्ट भूमिका मिलने से उन्हें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “टीम ने मुझे साफ भूमिका दी थी कि मैं नंबर पांच पर बल्लेबाजी करूंगा, चाहे स्थिति कैसी भी हो। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला।” इस आईपीएल सीजन में रॉय के गेंदबाजी आंकड़े काफी प्रभावशाली रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में 20.1 ओवरों में 22.37 के औसत से आठ विकेट लिए हैं, जो नारायण के 22.80 के लगभग बराबर और वरुण चक्रवर्ती के 25.00 से बेहतर है। झारखंड के सरायकेला में जन्मे और समस्तीपुर में पले-बढ़े अनुकूल का क्रिकेट सफर संघर्ष और प्रेरणा से भरा रहा है। उनका बचपन का सफर इशान किशन से भी जुड़ा रहा, जिनके साथ उनकी गहरी दोस्ती है। अनुकूल ने कहा, ‘‘ इशान मुझसे एक साल पहले अंडर-16 में झारखंड के लिए खेल चुके थे। वह पटना से आए थे और मैं समस्तीपुर से, बिहार से ही हम दोनों का सफर लगभग एक जैसा रहा। परिवार से दूर रहकर खाना, अभ्यास और रोज़मर्रा की दिनचर्या संभालना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने भी यह सब झेला और मैं उन्हें देखकर प्रेरित हुआ।” भाषा आनन्द नमितानमिता