मैनचेस्टर, चार जुलाई (भाषा) रवि बिश्नोई का एक महंगा ओवर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भारी पड़ा जहां इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।
इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक ओवर शेष रहते छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
मैच का निर्णायक मोड़ 17वां ओवर साबित हुआ, जिसमें रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। ओवर की शुरुआत उन्होंने लगातार दो नो-बॉल से की और इसके बाद जैकब बेथल ने तीन शानदार छक्के जड़कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। बेथल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।
दिन की शुरुआत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन अंत 22 वर्षीय जैकब बेथल की विस्फोटक बल्लेबाजी के नाम रहा।
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह (40 रन पर तीन विकेट) ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को खाता खोले बिना आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।
कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 39 रन बनाए। उन्होंने अर्शदीप के एक ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और दबाव को काफी हद तक कम कर दिया।
अक्षर पटेल (20 रन पर एक विकेट) ने हैरी ब्रूक को विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को राहत दिलाई, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
इसके बाद बेथल और टॉम बैंटन ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर भारतीय स्पिन आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। बैंटन ने 32 गेंदों में 39 रन बनाए।
भारतीय स्पिनरों में केवल अक्षर ही प्रभाव छोड़ सके। इसके विपरीत बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों स्पिनरों की अपेक्षाकृत तेज गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाया।
कप्तान श्रेयस अय्यर का 13वें ओवर में अर्शदीप सिंह को दोबारा गेंदबाजी पर लाने का फैसला सफल रहा। अर्शदीप ने बैंटन को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बिश्नोई का महंगा ओवर टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर गया।
इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन की तेज पारी खेलते हुए जोफ्रा आर्चर के ओवर से 17 रन बटोरे और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा।
उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन विल जैक्स की ऑफ स्पिन पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।
अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन और किशन ने 43 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन विशेष रूप से स्पिनरों की धीमी गेंदों और गति में बदलाव को पढ़ने में संघर्ष करते नजर आए।
इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में बदलाव और धीमी गेंदों के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा।
कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता प्राप्त की। आदिल राशिद भी किफायती रहे और दो ओवर में सिर्फ 21 रन दिए।
अभिषेक शर्मा शुरुआत में आर्चर की रफ्तार के सामने संघर्ष करते रहे और अपनी पहली 12 गेंदों में लगभग 10 बार गेंद को खेलने से चूक गए। बाद में उन्होंने लय हासिल की, लेकिन कुरन की फुलटॉस पर खेला गया उनका जोरदार फ्लिक सीधे मिडविकेट पर खड़े बैंटन के हाथों में चला गया।
अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री और इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।
भाषा आनन्द
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