भारत की खेल महत्वाकांक्षाएं कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके पूरी होनी चाहिए: मांडविया

Ads

भारत की खेल महत्वाकांक्षाएं कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके पूरी होनी चाहिए: मांडविया

  •  
  • Publish Date - April 25, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 07:27 PM IST

श्रीनगर, 25 अप्रैल (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का 10 साल का रोडमैप उसे जमीन पर काम करके ही पूरा किया जाना चाहिए।

मांडविया ने देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा मामले और खेल मंत्रियों के ‘चिंतन शिविर’ की अध्यक्षता की।

पंद्रह से ज्यादा राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ-साथ आदिल सुमारिवाला, अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग जैसी जानी-मानी खेल हस्तियों ने भी इस चिंतन शिविर में हिस्सा लिया और संबंधित पक्षों के साथ अपने विचार साझा किए।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा, ‘‘एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनने का हमारा 10 साल का रोडमैप सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हर खेल के मैदान, हर जिले और हर युवा के सपने में साकार होना चाहिए। ’’

मांडविया ने राज्यों से नीतियों को अपनाने से आगे बढ़कर उन्हें सक्रिय रूप से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असली प्रगति जिलों, ट्रेनिंग प्रणालियों और जमीनी स्तर के खेल तंत्र में दिखने वाले परिणामों के आधार पर की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘खेलो भारत मिशन महज एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ’’

भाषा नमिता

नमिता