जबलपुर। कोरोना संक्रमण के लिए जारी तमाम प्रयासों के बीच स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, राष्ट्रीय स्तर के वुशु खिलाड़ी की कोरोना जांच रिपोर्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी लापरवाही की है। जिससे स्वास्थ्य विभाग का प्रबंधन और विश्वसनीयता को लेकर भी सवालिया निशान लग सकते हैं।
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दरअसल, कोरोना टेस्ट के 21 दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टर चस्पा किया है, विभाग ने खिलाड़ी की टेस्ट रिपोर्ट बताए बिना ही कोरोना पॉज़िटिव होने के पोस्टर लगा दिया है, बता दें कि राष्ट्रीय स्तर की वुशु खिलाड़ी श्रद्धा यादव ने 6 अप्रैल को कोरोना टेस्ट करवाया था।सिविल लाइन रिज रोड निवासी श्रद्धा यादव वुशु खिलाड़ी हैं, जिन्होंने शहर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है, बीते 6 अप्रैल को श्रद्धा को बुखार आया उन्होंने विक्टोरिया हॉस्पिटल जाकर कोरोना जांच करवाई, आरटीपीसीआर जांच के बाद 48 घंटों में उनकी जांच रिपोर्ट आनी थी, लेकिन 26 अप्रैल तक उनकी कोई रिपोर्ट नहीं आई।
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श्रद्धा ने तबीयत खराब होने के बाद खुद को 10 अप्रैल को ही आइसोलेट कर लिया था। डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाइयां लेना शुरू कर दिया। इसके बाद वह ठीक भी हो गईं, लेकिन 26 अप्रैल को अचानक नगर निगम की टीम उनके घर पहुंची और दरवाजे पर कोविड पॉजिटिव का पोस्टर लगा दिया। जबकि श्रद्धा और उनका परिवार पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। इसमें भी कर्मियों ने होशियारी यह दिखाई कि पोस्टर में 22 अप्रैल की तारीख दर्ज कर दी और श्रद्धा को बताया कि उनकी रिपोर्ट 10 अप्रेल को ही पॉजिटिव आ गई थी।