रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवम्बर को होने वाले मतदान के लिए प्रचार शनिवार शाम थम गया। सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवार 10 नवम्बर का प्रचार दोपहर तीन बजे ही थम गया जबकि सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान वाले क्षेत्रों के प्रत्याशियों ने शाम पांच बजे तक प्रचार किया। प्रचार के अंतिम दिन बीजेपी से अमित शाह तो कांग्रेस से राहुल गांधी ने कमान संभाली
अब उम्मीदवार केवल व्यक्तिगत प्रचार एवं घर-घर जनसंपर्क कर सकेंगे। बता दें कि पहले चरण में बस्तर और राजनांदगांव संभाग की 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होना है। इससे पहले तक नक्सल प्रभावित दक्षिण क्षेत्र बस्तर के सात जिलों बस्तर, कोडागांव, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा तथा राजनांदगांव जिले की कुल 18 विधानसभा सीटों पर हर बार अलग अलग नतीजे आएं हैं। यहां कभी बीजेपी को जीत मिली है तो कभी कांग्रेस को।
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बीजेपी कांग्रेस की कुछ परंपरागत सीटें भी हैं। जैसे डोंगरगढ़, नारायणपुर और जगदलपुर में भाजपा कभी नहीं हारी। इसी तरह कोंटा सीट से कांग्रेस कभी नहीं हारी है। पहले चरण पर जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें से राजनांदगांव विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प है। यहां बीजेपी से मुख्यमंत्री रमन सिंह और कांग्रेस से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की भतीजी करूणा शुक्ला चुनावी मैदान में हैं।