रायपुर- राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में एम्स अस्पताल नई दिल्ली में मनोवैज्ञानिक आघात वाले बच्चों के संरक्षण और मानसिक बीमारी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में भाग लेने छ.ग.राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने छत्तीसगढ़ में आयोग द्वारा बच्चों के प्रति किये जा रहे कार्य जैसे बच्चों के मन की बात-आयोग के साथ सुझाव पेटी एवं शिकायत निवारण प्रणाली मोबाइल एप्लीकेशन मेरी आवाज़ एवं शहरी व ग्रामीण स्तर पर नगरीय-निकाय एवं पंचायती राज पदाधिकारियों के साथ बाल संरक्षण समिति का गठन किये जाने की जानकारी दी।
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जिस पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष स्तुति कक्कड़ एवं सदस्य रूपा कपूर व प्रियंक कानूनगो ने हर्ष जताते हुए कहा कि आप बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखकर कार्य करते हुए राज्य के प्रत्येक बच्चों तक आयोग की योजनाएं पहुचायें एवं बच्चों के अधिकारों व संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास करें। इसके लिए राष्ट्रीय आयोग से जो भी सहायता होगी उसे प्रदान करने का भरपूर प्रयास किया जायेगा। साथ ही राष्ट्रीय आयोग ने छत्तीसगढ़ के बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर के कार्यक्रम करने की स्वीकृति प्रदान की है।सम्मेलन में एम्स नई दिल्ली के प्रोफेसरों के अलावा विभिन्न राज्यों के बाल अधिकार संरक्षण आयोगों के अध्यक्ष, सदस्य, बच्चों के लिए कार्य करने वाली कई प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाएं एवं आयोग के सचिव श्री नंदलाल चौधरी शामिल हुए।
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