छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी क्या से क्या करने तैयार है इस बात का उदहारण कोरबा ब्लॉक में आये आवेदन से लगाया जा सकता है। आप कल्पना भी नहीं कर सकते की ब्रम्हा से भी ऊंचा स्थान पाने वाले गुरु आज कैसा दिन देख रहे हैं.उनके पास दो टाइम खाने के पैसे नहीं हैं. इसी के चलते उन्होंने अपने विभाग में आवेदन दिया है कि हमें मजदूरी या खेती करने के लिए छुट्टी प्रदान करें।
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माजरा ये है कि कांकेर के शासकीय हाईस्कूल के व्याख्याता सुंदरलाल साहू ने बीईओ के पास आवेदन कर छुट्टी मांगी है। आवेदन में शिक्षाकर्मी सुंदरलाल ने बताया है कि उसे चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसकी वजह से उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी है जिसके चलते वो अपने गांव जाकर पैसे का बंदोबस्त करना चाहता है। जिसके आवेदन को अंतागढ़ बीईओ को भेजा गया है।
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ऐसा ही आवेदन अंतागढ़ के कर्रेगांव शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षाकर्मी उत्तम कुमार भूआर्य ने भेजा है उसने लिखा है कि जब तक वेतन नहीं मिल जाता, तब तक के लिए छुट्टी मिल जाती तो बेहतर होता उसने लिखा है कि तीन माह से वेतन नहीं मिला है घर की माली हालात बेहद ख़राब हो गयी है. ऐसे में वो स्कूल से छुट्टी लेकर कहीं मजदूरी करना चाहते हैं।इस विषय में जब हमने नगरीय निकाय मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मी अपने वेतन की राह देख रहे हैं और प्रदेश भर के अलग-अलग ब्लॉक में अलग-अलग प्रकार की स्थिति है कहीं 2 महीने का तो कही 3 तो कहीं 4 महीने का वेतन भुगतान लंबित है .
वेब टीम IBC24