(Juniper Green Energy IPO/ Image Credit: Screengrab)
नई दिल्ली: Juniper Green Energy IPO: जुनिपर ग्रीन एनर्जी का आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट (Juniper Green Energy IPO) हुआ और कंपनी ने निवेशकों को शुरुआत में अच्छा रिटर्न दिया। कंपनी के शेयर बीएसई पर 225 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 7.55 फीसदी प्रीमियम के साथ 242 रुपये पर लिस्ट हुए। वहीं, एनएसई पर शेयर ने 8.88 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 245 रुपये पर कारोबार शुरू किया। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में थोड़ी गिरावट देखने को मिली और यह करीब 241 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
जुनिपर ग्रीन एनर्जी के 1,800 करोड़ रुपये के आईपीओ (Juniper Green Energy IPO) को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला था। बोली के आखिरी दिन तक यह इश्यू 7.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 539.4 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसमें अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम शामिल थे। कंपनी ने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड 214 रुपये से 225 रुपये तय किया था।
कंपनी आईपीओ से मिली राशि (Juniper Green Energy IPO) में से करीब 683.24 करोड़ रुपये का उपयोग अपने कर्ज को कम करने या समय से पहले भुगतान करने के लिए करेगी। इसके अलावा जुनिपर ग्रीन एनर्जी अपनी सहायक कंपनियों जुनिपर ग्रीन गामा वन, जुनिपर ग्रीन काइट और जुनिपर ग्रीन पावर फाइव में करीब 728.69 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। इस निवेश से ये कंपनियां अपने बकाया लोन का भुगतान कर सकेंगी। बाकी राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
जुनिपर ग्रीन एनर्जी भारत में सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली कंपनी है। गुरुग्राम स्थित यह कंपनी प्रोजेक्ट डिजाइन से लेकर निर्माण और संचालन तक की पूरी प्रक्रिया संभालती है। कंपनी अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को लगातार बढ़ा रही है। इसमें राजस्थान में 100 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट और सोलर-विंड-बैटरी स्टोरेज आधारित FDRE प्रोजेक्ट शामिल हैं। निवेशकों की नजर अब आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ और विस्तार योजनाओं पर बनी रहेगी।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।