(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Today in India: आज बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए ग्लोबल संकेत सकारात्मक नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty 24,200 के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार में मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इससे बाजार में अच्छी तेजी की संभावना बन रही है।
13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी, जिसका असर बाजार पर पड़ा। दिन के अंत में सेंसेक्स 702 अंक गिरकर 76,847 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 207 अंक फिसलकर 23,842 के स्तर पर आ गया था। इससे निवेशकों में थोड़ी चिंता बढ़ी थी।
आज सुबह करीब 08:50 बजे गिफ्ट निफ्टी में अच्छी बढ़त देखने को मिली। यह लगभग 346 अंक चढ़कर 24,223 के आसपास कारोबार करता नजर आया। यह संकेत देता है कि आज भारतीय बाजार गैप-अप ओपनिंग कर सकते हैं। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक शुरुआत का इशारा है।
एशियाई शेयर बाजारों में आज हर तरफ तेजी का माहौल है। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ताइवान का बाजार सभी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कोस्पी में तो करीब 3% की जोरदार तेजी देखी गई। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक निवेशकों का रुझान फिलहाल जोखिम लेने की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। नैस्डेक करीब 2% और S&P 500 लगभग 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ। S&P 500 अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। वहीं, डॉलर इंडेक्स छह हफ्ते के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और डॉलर की मजबूती कम हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अभी भी बिकवाली कर रहे हैं और उन्होंने 13 अप्रैल को करीब 1,983 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) ने 2,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की। यूएस बॉन्ड यील्ड में भी हल्की गिरावट आई है, जिससे बाजार को सहारा मिल सकता है। कुल मिलाकर आज के संकेत बताते हैं कि बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।