(Tata Power Share Price/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Tata Power Share Price: वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में टाटा पावर को मुंद्रा प्लांट के बंद रहने के कारण 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, कंपनी के लिए एक अच्छी खबर आई है। टाटा पावर ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ एक महत्वपूर्ण सप्लीमेंट्री पावर परचेज एग्रीमेंट (SPPA) साइन किया है। इस समझौते से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है और कंपनी के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ी है।
कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि वह जल्द ही महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के साथ भी इसी तरह के समझौते करने की योजना बना रही है। मुंद्रा प्लांट से उत्पादित बिजली का करीब 50% हिस्सा गुजरात को जाता है, जबकि बाकी बिजली अन्य राज्यों को सप्लाई की जाती है। इस समझौते के बाद, घाटे में चल रहे मुंद्रा प्लांट की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
टाटा पावर के शेयरों में इस समझौते के बाद हलचल देखने को मिली है। आज 24 मार्च, मंगलवार को सुबह उछाल के साथ शेयर 395 रुपये पर खुला, लेकिन बाद में गिरावट आई और यह 384.35 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल तक पहुंच गया। दोपहर 2:52 बजे के आसपास शेयर में 0.54% की मामूली गिरावट के साथ 384.85 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। साल 2026 में अब तक इस शेयर की कीमत में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
| Metric | Value |
| Current Price | ₹384.85 |
| Change | −₹2.10 (0.54%) |
| Open | ₹395.00 |
| High | ₹395.00 |
| Low | ₹384.35 |
| Market Cap | ₹1.23 L Cr |
| P/E Ratio | 32.43 |
| 52-Week High | ₹418.45 |
| 52-Week Low | ₹335.00 |
| Dividend Yield | 0.59% |
| Quarterly Dividend | ₹0.57 |
टाटा पावर और गुजरात सरकार के बीच पिछले हफ्ते हुए समझौते से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी के लिए भविष्य में बेहतर संभावनाएं हैं। इस समझौते से यह संकेत मिलते हैं कि अगर अन्य राज्यों के साथ भी इसी तरह के समझौते होते हैं, तो कंपनी के घाटे में कमी आ सकती है और शेयर की कीमत में तेजी देखने को मिल सकती है। इससे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।