College hire ‘langur’: कॉलेज में लंगूर की लगी नौकरी! मिलता है इतने हजार रुपए सैलरी, जानें सुबह 8 से शाम 5 बजे तक क्या करता है यह काम?

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College hire 'langur': कॉलेज में लंगूर की लगी नौकरी! मिलता है इतने हजार रुपए सैलरी, जानें सुबह 8 से शाम 5 बजे तक क्या करता है यह काम?

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 08:57 AM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 08:58 AM IST

College hire 'langur' | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • अलीगढ़ के डीएस डिग्री कॉलेज ने बंदरों को भगाने के लिए लंगूर को नौकरी पर रखा
  • गोलू नाम के लंगूर की सैलरी 12 हजार रुपये तय की गई।
  • बंदरों का आतंक अब काफी हद तक कम हुआ है।

अलीगढ़ः College hire ‘langur’ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में इन दिनों बंदरों ने आतंक मचा रखा है। जिससे प्रशासन भी अब परेशान हो गई है। इस परेशानी से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। कॉलेज प्रशासन ने बंदरों को भगाने के लिए एक गोलू नाम के लंगूर को बाकायदा सैलरी पर गार्ड की नौकरी पर रखा है। प्रशासन का कहना है कि इस उनके इस पहल से बंदरों का आतंक खत्म हो जाएगा।

College hire ‘langur’ जानकारी के अनुसार, मामला अलीगढ़ जिले के डीएस डिग्री कॉलेज का है। दरअसल, यहां कॉलेज परिसर में आए दिन बंदरों का आतंक देखने को मिला है। जिसको खत्म करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने एक गोलू नाम के लंगूर की नौकरी पर रखा है। जिसकी सैलरी 12 हजार रुपए महीना भी तय की गई है। बताया जा रहा है कि लंगूर अपने मालिक के साथ सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ड्यूटी कर पूरे कैंपस में गश्त करता है। जैसे ही बंदरों का झुंड नजर आता है, उसकी मौजूदगी भर से वे भाग जाते हैं।

क्लासरूम तक पहुंच गया था बंदरों का आतंक

बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंदर छात्रों और स्टाफ के लिए गंभीर समस्या बने हुए थे। बंदर न केवल छात्रों के हाथ से खाना छीन लेते थे, बल्कि कई बार हमला भी कर देते थे। हालात इतने बिगड़ गए थे कि बंदर क्लासरूम में घुसकर किताब-कॉपियां तक फाड़ देते थे, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था।

बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हुआ है- कॉलेज प्राचार्य

प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज के अनुसार, कॉलेज में बंदरों का बहुत आतंक था। बंदर स्टूडेंट्स के कपड़े फाड़ देते। किसी की किताबें फाड़ दी, 600 से 700 की से संख्या में आते थे। इस समस्या से निपटने के लिए हमने एक लंगूर वाले को हायर किया। इस प्रयोग से सकारात्मक परिणाम मिले हैं और बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हुआ है। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं बंदरों से काफी हद तक सुरक्षित हैं। 12 हजार रुपये महीना उसकी सैलरी तय की गई है।

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लंगूर को किस कॉलेज में नौकरी पर रखा गया है?

अलीगढ़ जिले के डीएस डिग्री कॉलेज में।

लंगूर की मासिक सैलरी कितनी है?

लगभग 12 हजार रुपये प्रति माह।

लंगूर की ड्यूटी का समय क्या है?

सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक।