उप्र : मुजफ्फरनगर जिले के निजी अस्पतालों को रेबीज रोधी टीका उपलब्ध कराने के निर्देश

उप्र : मुजफ्फरनगर जिले के निजी अस्पतालों को रेबीज रोधी टीका उपलब्ध कराने के निर्देश

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 10:35 PM IST

मुजफ्फरनगर, छह जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल कुत्ते के काटने की कई घटनाएं सामने आने के बाद सभी निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे अपने अस्पतालों और नर्सिंग होम में रेबीज रोधी टीका उपलब्ध कराएं।

मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि पिछले साल सरकारी अस्पतालों में 65,000 से अधिक लोगों को रेबीज रोधी टीका लगाया गया, जब वे कुत्ते के काटने की शिकायत लेकर आए थे।

सीएमओ ने बताया कि उनमें से दो की मौत हो गई, क्योंकि वे रेबीज के टीके के अंतिम चरण में आए थे।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे अपने अस्पतालों और नर्सिंग होम में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों की तरह ही रेबीज रोधी टीका उपलब्ध कराएं।

उन्होंने बताया कि औसतन प्रतिदिन कम से कम कुत्ते के काटने से पीड़ित 300 लोग जिला सरकारी अस्पताल में आते हैं।

इस बीच मुजफ्फरनगर नगर पालिका की कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार ने यहां के पास स्थित वेहलना गांव में एक पशु जन्म नियंत्रण केंद्र स्थापित करने के लिए 1.65 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी और उनका इलाज किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि यह केंद्र एक बीघा जमीन पर स्थापित किया जाएगा।

भाषा

सं, आनन्द

रवि कांत