(एम ज़ुलक़रनैन)
लाहौर, 30 जून (भाषा) लाहौर में मंगलवार को एक निर्माणाधीन इमारत में चल रहे एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घनी आबादी वाले काहना नउ इलाके में स्थित इस अकादमी में सात से 13 वर्ष की आयु के 30 से अधिक बच्चे कक्षाएं ले रहे थे, तभी अचानक छत ढह गई और बच्चे मलबे के नीचे दब गए।
लाहौर के पुलिस उप-महानिरीक्षक (अभियान) फैजल कामरान ने संवाददाताओं को बताया, ‘अब तक मलबे से 14 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं।’
पुलिस ने बताया कि घायल हुए 20 बच्चों और एक महिला शिक्षिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
कामरान ने बताया, ‘इमारत का एक हिस्सा निर्माणाधीन था और जब छत गिरी, उस वक्त मजदूर काम में लगे हुए थे। हमने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है।’
लाहौर जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक महमूद ने बताया कि इस इमारत में इलाके की एक महिला द्वारा निजी ट्यूशन सेंटर चलाया जा रहा था।
ईधी फाउंडेशन ने बताया कि काहना नउ इलाके की बस्ती ईदगाह में स्थित रिहायशी इमारत में चल रही अकादमी की छत अचानक गिर गई।
एनजीओ ने बयान में कहा, “मृतकों के शवों को जनरल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया गया है।” साथ ही संस्था ने आशंका जताई कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ बच्चे अब भी मलबे में फंसे हुए हैं।
संस्था ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
संस्था ने कहा कि बचाव अभियान तेजी से जारी है और मौके पर ईधी फाउंडेशन की एंबुलेंस तैनात हैं, जो आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पुलिस और जिला प्रशासन को हादसे के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लाहौर जनरल अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, नर्सों तथा पैरामेडिकल स्टाफ को घायलों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भाषा तान्या माधव
माधव